
मुंबई : चीन वैश्विक आर्थिक बदलावों के बीच लगातार सोना खरीद रहा है। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (पीबीओसी) ने सितंबर में करीब 23 टन सोना खरीदा। यह लगातार 23वां महीना है, जब बैंक ने खरीदारी की। इससे चीन का गोल्ड रिजर्व बढ़कर करीब 2,410 टन हो गया है। यह जानकारी नाइल पोस्ट के एक लेख में दी गई है। लेख के अनुसार, 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पश्चिमी देशों द्वारा रूस का विदेशी मुद्रा भंडार फ्रीज किए जाने से चीन ने सबक लिया।
विदेशों में रखी डॉलर और यूरो की संपत्तियां प्रतिबंधों की चपेट में आ सकती हैं, जबकि देश में रखा सोना ऐसे जोखिमों से काफी हद तक सुरक्षित रहता है। हालांकि, चीन डॉलर का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करने की तैयारी नहीं कर रहा, बल्कि उस वित्तीय प्रणाली पर निर्भरता कम करना चाहता है, जिसमें अमेरिका और उसके सहयोगियों का काफी प्रभाव है।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया के केंद्रीय बैंकों ने जुलाई में 23 टन और अगस्त में करीब 39 टन सोने की शुद्ध खरीदारी की। इससे पता चलता है कि कई देश अपने भंडार में विविधता लाने के लिए सोने को अहम विकल्प मान रहे हैं।
हालांकि, सोने से ब्याज नहीं मिलता और इसकी कीमतों में गिरावट आ सकती है। यह डॉलर की उपलब्धता और अमरीका ट्रेजरी बाजार की गहराई की बराबरी भी नहीं कर सकता। डॉलर मजबूत होने या वास्तविक ब्याज दरें बढ़ने पर सोने की कीमतें घट सकती हैं, इसलिए इस पर अत्यधिक निर्भरता जोखिम भरी हो सकती है।