
नई दिल्ली: राज्य सभा ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की अवधि 6 माह के लिए बढ़ाने से संबंधित सरकार के सांविधिक संकल्प को मंगलवार को विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी और हंगामे के बीच ध्वनिमत से स्वीकृति प्रदान की। इसके साथ ही मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव पर संसद के दोनों सदनों की मंजूरी मिल गई है। लोक सभा ने इसे पहले ही मंजूरी दे दी थी।
राज्य सभा में इस संकल के पारित होने के साथ ही विपक्ष के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्ष के हंगामे के कारण पहले स्थगन के बाद जब सदन की कार्यवाही अपराह्न 2 बजे पुनः शुरू हुई तो कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण के मुद्दे पर बहस कराए जाने की मांग को लेकर हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष के हंगामे के बीच मणिपुर में 13 अगस्त को समाप्त हो रही राष्ट्रपति शासन की समय सीमा को 6 माह के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया।
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