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दिल्ली को आज मिलेगी 1800 करोड़ की सौगात, अमित शाह करेंगे जल बोर्ड योजनाओं का शुभारंभ

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली को आज एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज दिल्ली जल बोर्ड की 1800 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। यह आयोजन ‘सेवा पखवाड़ा’ अभियान का हिस्सा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस (17 सितंबर) से लेकर महात्मा गांधी की जयंती (2 अक्टूबर) तक मनाया जा रहा है।

इस अवसर पर श्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,

30 सितंबर को सुबह 11 बजे माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी द्वारा दिल्ली को ₹1816 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात मिलने जा रही है। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में दिल्ली तेज़ी से “स्वच्छ, आत्मनिर्भर और फ्यूचर-रेडी” राजधानी बनने की ओर अग्रसर है।

सेवा पखवाड़े में दिल्ली जल बोर्ड की ये योजनाएं दिल्ली के लाखों परिवारों के जीवन में बदलाव लाएँगी। स्वच्छ जल आपूर्ति, मज़बूत सीवरेज नेटवर्क और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर राजधानी को और बेहतर बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होंगे। आप सभी आमंत्रित हैं। साफ-सुथरी और आत्मनिर्भर दिल्ली की दिशा में बड़ा कदम है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इस पहल की सराहना करते हुए लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में दिल्ली स्वच्छ, आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार राजधानी बनने की ओर तेज़ी से अग्रसर है। दिल्ली जल बोर्ड की ये परियोजनाएं लाखों नागरिकों के जीवन में बदलाव लाएंगी।” मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, मज़बूत सीवरेज नेटवर्क और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।

सेवा पखवाड़ा: सिर्फ एक उत्सव नहीं, जनसेवा का अभियान

भारतीय जनता पार्टी द्वारा शुरू किए गए ‘सेवा पखवाड़ा’ को सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि जनसेवा की एक व्यापक मुहिम के रूप में देखा जा रहा है। इसी कड़ी में हाल ही में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक आधुनिक ‘CATS’ एंबुलेंस सेवा को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था, जिसका उद्देश्य आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को सशक्त बनाना है।

क्या बदलने वाला है इन परियोजनाओं से?

दिल्ली के कई इलाकों में बेहतर सीवरेज और जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित होगी।

जल प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद।

लोगों को नियमित और स्वच्छ जल आपूर्ति मिलेगी।

पुराने और जर्जर सीवर नेटवर्क को अपग्रेड किया जाएगा।

जल संरक्षण और रिसाइकलिंग के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल होगा।

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