अहमदाबाद (गुजरात): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को 1,472 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और गुजरात के अहमदाबाद में साबरमती रेलवे स्टेशन से देश की पहली LNG से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।
उन्होंने रेलवे लोकोमोटिव इंजनों के रखरखाव के लिए बनाए जा रहे WAG-12 मेंटेनेंस शेड का भी उद्घाटन किया। गृह मंत्रालय के अनुसार, इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि आज साबरमती डिवीजन में कई रेलवे परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जो पर्यावरण की स्थिरता, यात्रियों की सुविधाओं और रेल यात्रियों की सुरक्षा पर केंद्रित हैं।
उन्होंने कहा कि सत्याग्रह, सादा जीवन, ग्रामीण विकास और खादी – इन सभी प्रयोगों को ज़मीनी स्तर पर लागू करने की यात्रा साबरमती से ही शुरू हुई थी। शाह ने कहा कि साबरमती रेलवे स्टेशन का अब काफी विकास हो चुका है, लेकिन 1980 के दशक में यात्रियों को स्टेशन से रिक्शा पाने के लिए भी लगभग दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। उन्होंने कहा कि साबरमती रेलवे स्टेशन में यात्रियों की सुविधाओं, सुरक्षा और कनेक्टिविटी के मामले में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि आज 1,472 करोड़ रुपये की लागत से जिन विकास कार्यों का उद्घाटन किया गया और जिनकी आधारशिला रखी गई, वे आने वाले दिनों में इस क्षेत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होंगे। उन्होंने कहा कि रेलवे लोकोमोटिव इंजनों के रखरखाव के लिए यहां 700 करोड़ रुपये की लागत से एक WAG-12 मेंटेनेंस शेड बनाया गया है।
सुरक्षा बढ़ाने के लिए साबरमती-कलोल-साबरमती रेल सेक्शन पर 48 करोड़ रुपये की लागत से ‘कवच’ ट्रेन सुरक्षा प्रणाली शुरू की गई है। इसके अलावा, अहमदाबाद-पालनपुर और अहमदाबाद-समखियाली रेल सेक्शन पर ‘कवच’ को लागू करने के साथ-साथ साबरमती-सरखेज रेलवे लाइन को दोगुना करने का काम भी शुरू हो गया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 12,000 हॉर्सपावर की क्षमता वाले ट्विन-सेक्शन इंजन को सेवा में शामिल किया गया है, जो अकेले ही 600 ट्रकों के बराबर माल ढो सकता है। पहले इस काम के लिए दो लोकोमोटिव की ज़रूरत होती थी, लेकिन अब एक ही WAG-12 इंजन यह काम कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह भारतीय रेलवे के इतिहास में एक अहम उपलब्धि होगी। शाह ने बताया कि LNG से चलने वाली ट्रेन का भी उद्घाटन किया गया है, जो आने वाले सालों में पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान देगी।
शाह ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद रेलवे में कई नई सुविधाएं शुरू की गईं और रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाया गया। उन्होंने बताया कि मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) से वड़ोदरा तक देश की पहली डबल-स्टैक लॉन्ग-हॉल कंटेनर ट्रेन का सफल ट्रायल पूरा हो चुका है।
उन्होंने कहा कि देश में माल ढुलाई के लिए रेल ट्रैक सीमित हैं, लेकिन अगर डबल-स्टैक मालगाड़ियों का कॉन्सेप्ट सफल होता है, तो माल ढोने की क्षमता लगभग दोगुनी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि अब 11,000 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को चार-लेन नेटवर्क में बदला जा रहा है, जिससे दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-गुवाहाटी की ओर ट्रैफिक की आवाजाही बहुत आसान हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ही डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, रैपिड रेल सिस्टम और प्रीमियम रेलवे स्टेशन शुरू किए गए। शाह ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन का उद्घाटन किया, जिससे भारत दुनिया के उन चार देशों में शामिल हो गया जिनके पास यह तकनीक है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में 97 प्रतिशत बायो-टॉयलेट लगाए गए। मोदी सरकार के कार्यकाल में 87 प्रतिशत LHB कोच भारत में ही बनाए गए। प्रधानमंत्री मोदी के पद संभालने से पहले रेलवे का विद्युतीकरण केवल 30 प्रतिशत था, जबकि बाकी 70 प्रतिशत काम उनके कार्यकाल में पूरा हुआ। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के तहत रेलवे सुरक्षा बजट में 67 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि लोकोमोटिव बनाने की क्षमता 66 प्रतिशत बढ़ी है।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की अवधारणाएं शुरू कीं, और इसके परिणामस्वरूप देश ने अब लोकोमोटिव जैसे उपकरणों के घरेलू निर्माण की दिशा में काफी प्रगति की है। उन्होंने कहा कि 2015-16 में रेलवे ने 293 करोड़ लीटर डीजल का इस्तेमाल किया था, लेकिन 2024-25 में यह घटकर 108 करोड़ लीटर रह गया है। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी उपलब्धि है जिस पर अपेक्षाकृत कम ध्यान दिया जाता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2010-11 में पूरे साल में रेलवे का विद्युतीकरण केवल 75 किलोमीटर हुआ था, जबकि 2023-24 में एक ही साल में 7,188 किलोमीटर का विद्युतीकरण किया गया। उन्होंने कहा कि अब रेलवे नेटवर्क का 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है और बाकी 0.4 प्रतिशत काम भी जल्द ही पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि चीन में रेलवे विद्युतीकरण 92 प्रतिशत, स्पेन में 68 प्रतिशत, फ्रांस में 60 प्रतिशत और यूनाइटेड किंगडम (जो एक अपेक्षाकृत छोटा देश है) में 49 प्रतिशत है। भारत 100 प्रतिशत विद्युतीकरण हासिल करके इन देशों से आगे निकल जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वीडन दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जिसने 100 प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण हासिल किया है, लेकिन स्वीडन में रेलवे लाइनों की कुल लंबाई भारत की तुलना में लगभग दस गुना कम है।
शाह ने कहा कि अगर रेलवे बजट के मामले में गुजरात का उदाहरण लें, तो 2009 से 2014 तक रेल बजट केवल 589 करोड़ रुपये था। इसके विपरीत, केवल एक वर्ष, 2026-27 के लिए बजट 17,366 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि विकास की गति में अंतर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि देश के लोगों को विपक्षी दलों के उन नेताओं से कहना चाहिए जो गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हैं कि वे तथ्यों और आंकड़ों के साथ मुद्दों पर चर्चा करें।
उन्होंने विपक्षी दल से सवाल किया कि उसने अपने कार्यकाल के दौरान क्या किया। उन्होंने कहा कि 10 वर्षों में 12 लाख करोड़ रुपये के घोटालों और भ्रष्टाचार के अलावा, विपक्षी दल ने कुछ नहीं किया। शाह ने कहा कि 12 वर्षों में मोदी जी पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है।

