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‘पाकिस्तान को बचाकर आपको क्या मिलेगा’, लोकसभा में चिदंबरम के बयान पर भड़के अमित शाह

नई दिल्ली: लोकसभा में ऑपरेशन सिन्दूर पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सवालों का दवाब देते हुए कहा कि, “पहलगाम में निर्दोष नागरिकों की जो नृशंस हत्या की गई, धर्म पूछकर उन्हें उनके परिवार के सामने मारा गया, बड़ी बर्बरता के साथ यह हत्याएं की गई, मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं और जो मारे गए हैं उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।”

लोकसभा में अमित शाह का सम्बोधन LIVE…

–भारत और पाकिस्तान के बीच सीज़फायर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “पाकिस्तान के छह रडार सिस्टम नष्ट कर दिए गए। उन्होंने हमारे रिहायशी इलाकों पर हमला किया, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। हमने केवल उनके हवाई ठिकानों पर हमला किया और उनकी हमलावर क्षमताओं को बर्बाद कर दिया। हमारे सशस्त्र बल अक्षुण्य थे। और उनकी हमलावर क्षमताएं नष्ट कर दी गईं। पाकिस्तान के पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था इसलिए 10 मई को पाकिस्तानी DGMO ने हमारे DGMO को फोन किया और हमने शाम 5 बजे संघर्ष रोक दिया।”

–केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “वे कल पूछ रहे थे कि पहलगाम के दोषी कहां गए। आपके कार्यकाल के दौरान जो छिपे गए थे, उन्हें आज चुन-चुन कर मारा जा रहा है। हमारी सेना ने कम से कम 100 लोगों को मार गिराया है। 7 मई को, हमारा काम 1.26 बजे पूरा हो गया। यह मनमोहन सिंह की सरकार नहीं है, हम चुपचाप बैठकर डोजियर नहीं भेजेंगे। 9 मई को, पाकिस्तान के 11 हवाई ठिकानों को नष्ट कर दिया गया। 8 हवाई ठिकानों पर हमला इतना सटीक था कि इसने पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली को हिला दिया।”

–केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “कल वे (कांग्रेस) सवाल उठा रहे थे कि युद्ध क्यों नहीं किया। आज, PoK केवल जवाहरलाल नेहरू की वजह से मौजूद है…1960 में, उन्होंने सिंधु नदी का 80% पानी पाकिस्तान को दे दिया। 1971 में, शिमला समझौते के दौरान, वे (कांग्रेस) PoK के बारे में भूल गए। अगर उन्होंने उस समय PoK ले लिया होता, तो हमें अब वहां शिविरों पर हमले नहीं करने पड़ते।”

–केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के बाद, हमारे DGMO ने पाक DGMO को बताया कि भारत ने आत्मरक्षा के अपने अधिकार के तहत उनकी जमीन पर आतंकी ढांचे पर हमला किया है। यह मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान जैसा हुआ वैसा नहीं हो सकता कि आतंकवादी आएं और हमें मार दें और हम चुपचाप बैठे रहें।”

–लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “30 अप्रैल को CCS की बैठक हुई थी, जिसमें सुरक्षाबलों को पूरी तरह से ऑपरेशनल आज़ादी दी गई थी। ऑपरेशन सिंदूर 7 मई को शुरू किया गया और 1:04 बजे से 1:24 बजे के बीच चलाया गया। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया। इस हमले में कोई भी पाकिस्तानी नागरिक नहीं मारा गया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे सुरक्षाबलों ने 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया।”

–लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “कल गौरव गोगोई ने कहा कि मोदी जी 24 अप्रैल को पहलगाम की बजाय बिहार गए थे। पहलगाम हमले के समय मोदी जी विदेश में थे। जिस दिन मोदी जी बिहार गए, उस दिन पहलगाम में सिर्फ़ राहुल गांधी थे और कोई नहीं। अगर देश के नागरिकों पर ऐसा हमला होता है तो प्रधानमंत्री का कर्तव्य है कि वे इसका करारा जवाब दें।”

–केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवादियों को भेजने वालों को मार गिराया और ऑपरेशन महादेव ने हमला करने वालों को मार गिराया। मुझे लगा था कि यह खबर सुनकर सत्ताधारी और विपक्षी दलों में खुशी की लहर दौड़ जाएगी, ‘मगर स्याही पड़ गई इनके चेहरे पर’ यह कैसी राजनीति है?”

–लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “कल वे हमसे पूछ रहे थे कि आतंकवादी कहां से आए और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। बेशक, यह हमारी जिम्मेदारी है क्योंकि हम सत्ता में हैं। मुझे बहुत दुख हुआ कि कल इस देश के पूर्व गृह मंत्री चिदंबरम जी ने सवाल उठाया कि क्या सबूत है कि ये आतंकी पाकिस्तान से आए थे। वे क्या कहना चाहते हैं? किसे बचाना चाहते हैं? पाकिस्तान को बचाकर आपको क्या मिलेगा?”

–दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “NIA ने उन्हें शरण देने वालों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। उन्हें खाना पहुंचाने वालों को हिरासत में लिया था। जब आतंकवादियों के शव श्रीनगर पहुंचे, तो उनकी पहचान पहलगाम में आतंकी हमला करने वाले तीन लोगों के रूप में हुई। आतंकी हमले के कारतूसों की FSL रिपोर्ट पहले से ही तैयार थी। कल तीनों आतंकवादियों की राइफलें जब्त कर ली गईं और उनका FSL रिपोर्ट से मिलान किया गया। कल चंडीगढ़ में आगे की जांच की गई, उसके बाद पुष्टि हुई कि ये तीनों वही थे जिन्होंने आतंकी हमला किया था।”

 

–लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “पहलगाम हमले के तुरंत बाद, मैंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी। मैंने अपने सामने एक महिला को खड़ा देखा, जो अपनी शादी के 6 दिन बाद ही विधवा हो गई थी – मैं उस दृश्य को कभी नहीं भूल सकता। मैं आज सभी परिवारों को बताना चाहता हूं कि मोदी जी ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए उन लोगों को भेजने वालों को मारा, और आज हमारे सुरक्षा बलों ने उन लोगों को भी मारा जिन्होंने हत्याएं की थी।”

–लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को कहा, “मुझे अपेक्षा थी कि जब वे पहलगाम आतंकवादियों के मारे जाने की खबर सुनेंगे तो खुश होंगे, लेकिन ऐसा लगता है कि वे इससे खुश नहीं हैं।”

–दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन महादेव पर कहा, “ऑपरेशन महादेव में सुलेमान उर्फ फैजल, अफगान और जिबरान, ये तीनों आतंकवादी भारतीय सेना, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में मारे गए। सुलेमान लश्कर-ए-तैयबा का ए-श्रेणी का कमांडर था। अफगान लश्कर-ए-तैयबा का ए-श्रेणी का आतंकवादी था। और जिबरान भी ए-ग्रेड का आतंकवादी था। बैसरन घाटी में जिन्होंने हमारे नागरिकों को मारा था, वह ये तीनों आतंकवादी थे और तीनों मारे गए।”

–लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “कल के ऑपरेशन में तीनों आतंकवादी – सुलेमान, अफगान और जिबरान मारे गए। जो लोग उन्हें खाना पहुंचाते थे, उन्हें पहले ही हिरासत में ले लिया गया था। जब इन आतंकवादियों के शव श्रीनगर लाए गए, तो हमारी एजेंसियों द्वारा हिरासत में रखे गए लोगों ने उनकी पहचान की।”

–अमित शाह ने लोकसभा में अपने सम्बोधन में साफ़ किया कि बीते दिन जम्मू कश्मीर में जो आतंकी मारे गए थे वे तीनों पहलगाम हमले में लिप्त आतंकी ही थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “एक संयुक्त ऑपरेशन महादेव में, भारतीय सेना, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पहलगाम आतंकी हमले में शामिल तीन आतंकवादियों को मार गिराया है।”

–लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “पहलगाम में निर्दोष नागरिकों की जो नृशंस हत्या की गई, धर्म पूछकर उन्हें उनके परिवार के सामने मारा गया, बड़ी बर्बरता के साथ यह हत्याएं की गई, मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं और जो मारे गए हैं उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।”

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