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पंचकूला के स्कूल में मासूम बच्ची पर पत्थरों से हमला, PGI में जिंदगी की जंग लड़ रही बच्ची; दिल दहला देने वाला Video

An innocent girl attacked with stones Panchkula school she is fighting for her life at PGI

An innocent girl attacked with stones Panchkula school she is fighting for her life at PGI

पंचकूला: हरियाणा के पंचकूला में एक सरकारी स्कूल के अंदर KG में पढ़ने वाली विशेष जरूरतों वाली मासूम बच्ची के साथ कथित मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले करीब 8 वर्षीय छात्र ने बच्ची पर पत्थरों और गमले से हमला कर दिया। हमले में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई और बेहोश होकर स्कूल में ही पड़ी रही। फिलहाल बच्ची को चंडीगढ़ स्थित PGI में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। परिजनों के मुताबिक, बच्ची की हालत में पहले से कुछ सुधार हुआ है।

घटना पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित शहीद मेजर अनुज राजपूत राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल की बताई जा रही है। घटना के बाद बच्ची के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल में बेसुध पड़ी बच्ची को देखकर परिजन बार-बार उसे आवाज लगाते हुए कह रहे हैं, ‘आंखें खोलो बेटा, थोड़ा बोलो।’ परिवार का यह भावुक वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।

पिता के बुलाने का बहाना बनाकर बच्ची को पहली मंजिल पर ले जाने का आरोप

परिजनों का आरोप है कि तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने बच्ची को उसके पिता के बुलाने की बात कहकर स्कूल की पहली मंजिल पर बुलाया था। वहां उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। परिवार के मुताबिक, बच्ची पर पहले पत्थरों से हमला किया गया और फिर गमले से वार किया गया। आरोप है कि घायल होने के बाद भी बच्ची को काफी देर तक घसीटा गया।

परिवार के लिए सबसे हैरानी की बात यह रही कि जब वे बच्ची को तलाशते हुए स्कूल पहुंचे तो जिस छात्र पर हमला करने का आरोप है, वही उन्हें बच्ची के पास लेकर गया। बच्ची के चाचा ने बताया कि आरोपी छात्र ने उनके भाई को बताया कि बच्ची ऊपर एक कमरे में पड़ी है और दूसरे बच्चों ने उसे मारा है।

 

कमरे में खून से लथपथ मिली बच्ची

बच्ची के चाचा के अनुसार, उसके पिता बाइक लेकर स्कूल पहुंचे थे। उस समय स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी और बच्ची का बैग बाहर रखा हुआ था। जब उन्होंने शिक्षकों से बच्ची के बारे में पूछा तो उन्हें बताया गया कि बच्ची कहीं चली गई होगी और वे उसे तलाश लें। इसी दौरान वहां मौजूद छात्र ने बच्ची के पिता को बताया कि वह पहली मंजिल पर एक कमरे में है। जब पिता ने कमरे के शीशे से अंदर झांककर देखा तो बच्ची खून से लथपथ हालत में बेसुध पड़ी थी। यह दृश्य देखकर पिता घबरा गए और बेहोश हो गए। वहां मौजूद लोगों ने पानी डालकर उन्हें होश में लाने की कोशिश की। परिजनों के मुताबिक, कमरे का ताला खोलने के लिए करीब 10 से 15 मिनट तक चाबी तलाशनी पड़ी। ताला खुलने के बाद बच्ची को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

पहले निजी अस्पताल और फिर PGI किया गया रेफर

घटना के बाद बच्ची को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। परिजनों के अनुसार, उसे पहले एल्केमिस्ट अस्पताल में करीब 5 से 6 घंटे तक रखा गया। इसके बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे चंडीगढ़ PGI रेफर कर दिया। इससे पहले बच्ची को सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल भी ले जाया गया था, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे आगे रेफर किया गया। फिलहाल PGI में बच्ची का इलाज जारी है। परिवार का कहना है कि उसकी हालत में पहले से सुधार हुआ है, लेकिन घटना ने उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया है।

स्कूल की सुरक्षा और CCTV व्यवस्था पर उठाए सवाल

इस घटना के बाद बच्ची के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि स्कूल में CCTV कैमरे लगे होने और उनकी निगरानी प्रिंसिपल के कार्यालय से होने के बावजूद इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई। परिवार ने सवाल किया कि जब बच्ची स्कूल परिसर में घायल अवस्था में पड़ी थी, तब किसी शिक्षक या कर्मचारी को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली? समय रहते बच्ची की मदद क्यों नहीं की गई? परिजनों का आरोप है कि यदि स्कूल में निगरानी व्यवस्था सही होती तो बच्ची को इतनी गंभीर चोटें लगने से बचाया जा सकता था।

पुलिस ने शुरू की जांच, छात्र का भी होगा परीक्षण

मामले की जानकारी मिलते ही सेक्टर-20 थाना प्रभारी यशदीप और जांच अधिकारी प्रदीप कुमार पुलिस टीम के साथ स्कूल पहुंचे। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई है। इसके साथ ही कथित तौर पर हमला करने वाले छात्र के माता-पिता से भी पूछताछ की जा रही है।

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर इतनी कम उम्र के बच्चे ने इस तरह की घटना को कैसे अंजाम दिया। करीब 8 वर्षीय छात्र का चंडीगढ़ PGI में मानसिक और स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जा रहा है। उसकी कम उम्र को देखते हुए मामले में कानूनी कार्रवाई के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। वहीं, बच्ची के परिजन स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करने और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

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