
नई दिल्ली। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पवन हंस का एक हेलिकॉप्टर उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद तकनीकी खराबी का शिकार हो गया। स्थिति को गंभीर देखते हुए पायलट ने समझदारी दिखाते हुए हेलिकॉप्टर को समुद्र में उतार दिया। राहत की बात यह रही कि हेलिकॉप्टर में सवार सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
पोर्ट ब्लेयर से मायाबंदर जा रहा था हेलिकॉप्टर
यह हेलिकॉप्टर पोर्ट ब्लेयर से मायाबंदर की ओर जा रहा था। हेलिकॉप्टर में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें दो क्रू मेंबर और पांच यात्री शामिल थे। पवन हंस के प्रवक्ता ने बताया कि यह घटना सुबह लगभग 9:30 बजे हुई। उड़ान सामान्य रूप से शुरू हुई थी, लेकिन कुछ ही देर बाद तकनीकी समस्या सामने आ गई।
तकनीकी खराबी के कारण समुद्र में उतारना पड़ा हेलिकॉप्टर
उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। पायलट ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। मायाबंदर में लैंडिंग से पहले, रनवे से लगभग 300 मीटर पहले हेलिकॉप्टर को समुद्र में सुरक्षित उतार दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस घटना के पीछे की असली वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। तकनीकी टीम यह पता लगाएगी कि खराबी किस कारण से आई।
स्पाइसजेट की फ्लाइट भी तकनीकी खराबी के कारण लौटी
इसी दिन एक और घटना में स्पाइसजेट की लेह जाने वाली उड़ान को भी तकनीकी खराबी के कारण वापस लौटना पड़ा। यह उड़ान दिल्ली से लेह जा रही थी। उड़ान संख्या SG121 में लगभग 150 यात्री सवार थे। विमान में इंजन से जुड़ी खराबी सामने आई, जिसके बाद उसे एहतियातन दिल्ली वापस लाया गया। एयरलाइन के प्रवक्ता ने बताया कि विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतरा और सभी यात्रियों को सामान्य तरीके से बाहर निकाला गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कॉकपिट में आग लगने जैसी कोई चेतावनी नहीं मिली थी।
सभी यात्री सुरक्षित
दोनों घटनाओं में सबसे राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री या क्रू मेंबर को कोई चोट नहीं पहुंची। संबंधित कंपनियों द्वारा तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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