नेशनल डेस्कः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगापुरम में बने अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। इस हवाई अड्डे के निर्माण पर लगभग 5,000 करोड़ रुपये की लागत आई है। आंध्र प्रदेश सरकार का मानना है कि यह एयरपोर्ट केवल यात्रियों की सुविधा के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर आंध्र क्षेत्र के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
प्रधानमंत्री ने किया टर्मिनल भवन का उद्घाटन
शनिवार सुबह करीब 11 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने एयरपोर्ट के अत्याधुनिक टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ पूरे हवाई अड्डे का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें एयरपोर्ट की सुविधाओं और आधुनिक तकनीकों की जानकारी भी दी।
#WATCH विजयनगरम, आंध्र प्रदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज का दिन आंध्र प्रदेश के विकास के लिए, स्वर्ण आंध्र के विजन के लिए, यह बहुत अहम है। मुझे आज बहुत शुभ अवसर पर एक शुभ मास में उत्तर आंध्र की इस पवित्र भूमि पर आने का सौभाग्य मिला है…”
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— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 1, 2026
जनसभा में हुआ पारंपरिक अंदाज में भव्य स्वागत
हवाई अड्डे का दौरा करने के बाद प्रधानमंत्री खुली छत वाले वाहन में सवार होकर जनसभा स्थल पहुंचे। वहां उनका पारंपरिक तरीके से गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर जनजातीय समुदाय की 13,500 से अधिक महिलाओं और छात्र-छात्राओं ने आंध्र प्रदेश का प्रसिद्ध ढिमसा लोक नृत्य प्रस्तुत किया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से पूरे कार्यक्रम को आकर्षक बना दिया।
उत्तर आंध्र के विकास में निभाएगा बड़ी भूमिका
सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उत्तर आंध्र में उद्योगों को बढ़ावा देने, नए रोजगार के अवसर पैदा करने, निर्यात को बढ़ाने, कौशल विकास और शोध गतिविधियों को मजबूत करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। सरकार का कहना है कि बेहतर हवाई संपर्क मिलने से देश-विदेश के निवेशकों को इस क्षेत्र में निवेश करने में आसानी होगी। साथ ही पर्यटन, व्यापार और स्थानीय व्यवसायों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
हर साल 60 लाख यात्रियों की होगी सुविधा
एयरपोर्ट के पहले चरण में हर साल 60 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता विकसित की गई है। भविष्य में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इसकी क्षमता बढ़ाकर 4 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष करने की योजना बनाई गई है। इससे आने वाले वर्षों में यह देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में शामिल हो सकता है।
आधुनिक तकनीकों से लैस है एयरपोर्ट
यह नया हवाई अड्डा कई अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित है। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के अनुसार इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), बिल्डिंग इन्फॉर्मेशन मॉडलिंग (बीआईएम), एयरसाइड 4.0 तकनीक, एयरपोर्ट प्रेडिक्टिव ऑपरेशंस सेंटर (एपीओसी) और बायोमेट्रिक यात्री प्रक्रिया जैसी आधुनिक सुविधाओं का इस्तेमाल किया गया है। इन तकनीकों की मदद से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और बेहतर सेवाएं मिलेंगी। साथ ही एयरपोर्ट का संचालन भी अधिक प्रभावी और सुचारु रहेगा।
डिजाइन में झलकती है आंध्र प्रदेश की संस्कृति
इस हवाई अड्डे का डिजाइन आंध्र प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। टर्मिनल भवन की छत पारंपरिक चुट्टिलु झोपड़ियों और अराकू घाटी के खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यों से प्रेरित है। इसके अलावा भवन की लहरदार बनावट उड़ती हुई मछली की सुंदर गति को दर्शाती है, जिससे एयरपोर्ट को आधुनिकता के साथ स्थानीय पहचान भी मिली है।
18 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की देंगे सौगात
अपने आंध्र प्रदेश दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब 18 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा कई नई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, उद्योगों को बढ़ावा देना और लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है।

