नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के हालिया बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के कई सांसदों ने राहुल गांधी के आरोपों को निराधार बताते हुए उनके रवैये, संसदीय भाषा और विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाए।
भाजपा सांसदों ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के मुद्दों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं और सदन में तथ्यात्मक चर्चा के बजाय भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह किसी से डरने वाले नेता नहीं हैं। अमित शाह डरते नहीं हैं, बल्कि आप (राहुल गांधी) उनसे डरते हैं। अमित शाह ऐसे व्यक्ति हैं जिनसे देशद्रोही ताकतें, आतंकवादी, नक्सलवादी और देश को टुकड़े-टुकड़े करने की साजिश करने वाले लोग डरते हैं। अगर कोई डर रहा है तो वह राहुल गांधी हैं। उन्होंने आगे कहा कि अमित शाह को जनता के जनादेश और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वास के आधार पर गृह मंत्री बनाया गया है। जब तक देश की जनता भाजपा को समर्थन देती रहेगी और प्रधानमंत्री मोदी उन्हें गृह मंत्री बनाए रखेंगे, तब तक राहुल गांधी के किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है।
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने राहुल गांधी की संसदीय भाषा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पांच बार सांसद रहने के बावजूद उन्हें यह समझ नहीं है कि संसद में किन शब्दों का प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत छात्रों के मुद्दे से की, लेकिन बाद में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिनका सदन में विरोध हुआ। जायसवाल ने कहा कि यदि राहुल गांधी अपनी बात रखना चाहते थे तो वे संसदीय मर्यादा के अनुरूप शब्दों का चयन कर सकते थे, लेकिन उन्होंने जानबूझकर विवादित भाषा का इस्तेमाल किया। भाजपा सांसद तरुण चुघ ने राहुल गांधी पर छात्रों के भविष्य को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में छात्रों की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर कोई ठोस सुझाव नहीं दिया, बल्कि केवल भ्रम फैलाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों की चिंता करने के बजाय कांग्रेस नेता राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं।
राहुल गांधी लगातार असंसदीय और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं है। इसी दौरान तरुण चुघ ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संत रविदास नगर का नाम बहाल करने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संत रविदास के नाम पर रखे गए जिले का नाम बदल दिया था, जबकि संत रविदास ने भक्ति आंदोलन के माध्यम से समानता, सामाजिक न्याय और जाति आधारित भेदभाव के खिलाफ महत्वपूर्ण योगदान दिया। समाजवादी पार्टी ने हमेशा देश के महान संतों का अपमान किया है। भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने भी राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें अपने राजनीतिक रवैये में बदलाव लाने की आवश्यकता है।

