Last Updated: October 6, 2026

Dainik Savera Times Logo

सेना प्रमुख ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में जटिलताओं, चुनौतियों को रेखांकित किया

September 28, 2023

सेना प्रमुख ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में जटिलताओं, चुनौतियों को रेखांकित किया

नई दिल्ली: थल सेनाध्यक्ष (सीओएएस) जनरल मनोज पांडे ने इंडो-पैसिफिक कार्यक्रम के दौरान कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र न केवल संस्कृतियों, इतिहास, संसाधनों और अवसरों का केंद्र है, बल्कि जटिलताओं और चुनौतियों का भी केंद्र है। सेना प्रमुख सम्मेलन (आईपीएसीसी) का समापन बुधवार को यहां हुआ।तीन दिवसीय कार्यक्रम – आईपीएसीसी, इंडो-पैसिफिक आर्मीज़ मैनेजमेंट सेमिनार (आईपीएएमएस), सीनियर एनलिस्टेड लीडर्स फोरम (एसईएलएफ) – का आयोजन भारतीय सेना द्वारा सह-मेजबान के रूप में अमेरिकी सेना के साथ किया गया था। इस कार्यक्रम में 30 देशों की भागीदारी देखी गई।

अमेरिकी सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज ने भूमि शक्ति की भूमिका पर प्रकाश डाला और कहा कि यह न केवल क्षेत्र की साझा सुरक्षा में योगदान देता है बल्कि संकटों से निपटने में भी भूमि शक्ति निर्णायक शक्ति है।कम से कम 18 देशों का प्रतिनिधित्व उनकी सेनाओं के प्रमुखों द्वारा किया गया और 12 देशों का प्रतिनिधित्व प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों द्वारा किया गया।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उद्घाटन भाषण दिया जबकि समापन भाषण रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने दिया। रक्षा मंत्रलय के अनुसार, इस आयोजन ने प्रतिनिधियों को सुरक्षा और आपसी हित के अन्य समसामयिक मुद्दों पर विचारों और विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान किया, जिसमें मुख्य प्रयास भारत-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देना था।

13वें आईपीएसीसी के भाग के रूप में ‘शांति के लिए एक साथ: भारत-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना‘ विषय पर एक प्रमुख गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया गया था। रक्षा मंत्रलय के एक अधिकारी ने कहा, सभी प्रमुखों ने इस विषय को दोहराया और क्षेत्र के सभी देशों की भावनाओं को प्रतिबिंबित किया।सीओएएस ने भाग लेने वाले देशों की सेनाओं के प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। 47वें आईपीएएमएस के पूर्ण सत्र में तीन विषयों पर सत्र आयोजित किये गये। पहला विषय था ‘भारत-प्रशांत में सतत शांति और सुरक्षा के लिए साझेदारी‘; दूसरा विषय था ‘इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने के लिए सहयोग‘; और अंतिम विषय था ‘मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) – संकट प्रतिक्रिया के लिए विकसित तंत्र‘।

जीवनसाथी के लिए ‘बैरक से परे: सैन्य समुदायों को बढ़ावा देने और सवरेत्तम प्रथाओं को साझा करने में भूमिकाएं और चुनौतियां‘ विषय पर एक विशेष पूर्ण सत्र भी आयोजित किया गया था। सत्र की शुरुआत आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (एडब्ल्यूडब्ल्यूए) की अध्यक्ष अर्चना पांडे और अमेरिकी सेना के सीओएस की पत्नी पैटी जॉर्ज के उद्घाटन भाषण से हुई। दोनों ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का भी दौरा किया और अपनी श्रद्धांजलि अर्पति की।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें