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पाकिस्तान को Army Chief Upendra Dwivedi की सख्त चेतावनी: कहा- आतंकवाद नहीं रुका तो अंजाम गंभीर होगा

Army Chief, Upendra Dwivedi

नेशनल डेस्कः भारतीय थलसेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को बेहद सख्त और साफ संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान लगातार आतंकवादियों को समर्थन देता रहा और भारत के खिलाफ साजिशें करता रहा, तो उसे तय करना होगा कि वह दुनिया के नक्शे पर रहना चाहता है या इतिहास का हिस्सा बनना चाहता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ मना रहा है। सेना प्रमुख का यह संदेश साफ दिखाता है कि भारत अब आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगा।

मनकशॉ सेंटर में सेना प्रमुख का बड़ा बयान
शनिवार को मनकशॉ सेंटर में आयोजित “सेना संवाद” कार्यक्रम के दौरान जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान की नीतियों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अब अपनी सोच और रणनीति बदलनी होगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत शांति चाहता है, लेकिन अगर कोई देश आतंकवाद को बढ़ावा देगा तो भारतीय सेना उसका जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। आर्मी चीफ का बयान काफी सीधा और कड़ा माना जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भविष्य में फिर से ऑपरेशन सिंदूर जैसी स्थिति पैदा होती है, तो भारतीय सेना पहले से ज्यादा तेज और ताकतवर कार्रवाई करेगी।

पाकिस्तान को दो टूक संदेश
जनरल द्विवेदी ने कहा कि पाकिस्तान को अब फैसला करना होगा कि वह शांति और विकास का रास्ता अपनाना चाहता है या फिर आतंकवाद का समर्थन जारी रखना चाहता है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहता है, लेकिन देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अगर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तो भारत सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। यह संदेश केवल पाकिस्तान के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए भी है कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ पूरी मजबूती के साथ खड़ा है।

भारतीय सेना पूरी तरह तैयार
आर्मी चीफ ने कहा कि भारतीय सेना हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान थलसेना, वायुसेना और नौसेना के बीच शानदार तालमेल देखने को मिला था। तीनों सेनाओं ने मिलकर जिस तरह से काम किया, उससे भारत की सैन्य ताकत और रणनीतिक क्षमता दुनिया के सामने साफ दिखाई दी। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में देश पर कोई खतरा आता है, तो सेना और तेजी तथा मजबूती के साथ जवाब देगी।

आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस नीति
भारत सरकार और सेना अब आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” यानी बिल्कुल भी बर्दाश्त न करने की नीति पर काम कर रहे हैं। सेना प्रमुख ने कहा कि देश की सुरक्षा और अखंडता सबसे ऊपर है। आतंकवाद को समर्थन देने वालों को हर स्तर पर जवाब दिया जाएगा। चाहे वह सैन्य कार्रवाई हो, कूटनीतिक दबाव हो या आर्थिक कदम। भारत का साफ मानना है कि आतंकवाद और शांति एक साथ नहीं चल सकते।

क्यों अहम माना जा रहा है यह बयान?
जनरल उपेंद्र द्विवेदी का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के तुरंत बाद आया है। इससे पाकिस्तान को साफ संदेश गया है कि भारत न तो पिछली घटनाओं को भूला है और न ही कमजोर पड़ा है। भारत अब पहले की तुलना में ज्यादा मजबूत और सख्त रुख अपना चुका है। भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर देश की सुरक्षा को खतरा हुआ तो हर स्तर पर जवाब दिया जाएगा।

क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
पिछले साल 7 मई को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में कई लोगों की जान गई थी। इसके बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए “ऑपरेशन सिंदूर” शुरू किया। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला किया। सेना ने आधुनिक तकनीक और मजबूत रणनीति के जरिए आतंकियों के कई ठिकानों को तबाह कर दिया।

भारत की कार्रवाई से पाकिस्तान बौखला गया और उसने भी जवाबी हमला करने की कोशिश की। लेकिन भारतीय सेना ने हर हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया। दोनों देशों के बीच यह तनाव लगभग 88 घंटे तक चला। आखिरकार 10 मई की शाम को दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद संघर्ष रुक गया। ऑपरेशन सिंदूर को भारत की मजबूत आतंकवाद विरोधी नीति का बड़ा उदाहरण माना गया।

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