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इतिहास रचने के बाद लौट रहा Artemis II, इस दिन रखेगा पृथ्वी पर कदम

Artemis II

Artemis II

नेशनल डेस्क: चंद्रमा की ऐतिहासिक यात्रा पूरी करने के बाद Artemis II मिशन के चारों अंतरिक्ष यात्री अब सुरक्षित रूप से पृथ्वी की ओर लौट रहे हैं। मंगलवार रात करीब 10:55 बजे अंतरिक्ष यात्रियों का ओरियन स्पेसक्राफ्ट उस क्षेत्र से बाहर निकल गया, जहां तक चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण प्रभाव रहता है। अब अंतरिक्ष यान पर पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण ज्यादा असर डाल रहा है, जिससे यह तेजी से हमारी ओर बढ़ रहा है। चंद्रमा से दूर निकलने के बाद अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी यात्रा करीब तीन दिनों की है। इस दौरान उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता सुरक्षित तरीके से पृथ्वी तक पहुंचना है।

रास्ते में क्या करेंगे अंतरिक्ष यात्री?

वापसी के दौरान अंतरिक्ष यान को सही दिशा और गति में बनाए रखना बहुत जरूरी होता है। इसके लिए समय-समय पर छोटे-छोटे इंजन फायर किए जाएंगे, जिन्हें ‘ट्राजेक्टरी करेक्शन बर्न’ कहा जाता है। इनका काम यह सुनिश्चित करना है कि यान सही रास्ते पर बना रहे और पृथ्वी के वातावरण में बिल्कुल सही कोण से प्रवेश करे। अगर प्रवेश का कोण सही नहीं हुआ तो खतरा बढ़ सकता है। बहुत कम कोण होने पर यान वायुमंडल से टकराकर वापस अंतरिक्ष में जा सकता है और ज्यादा तीखे कोण पर आने से अत्यधिक गर्मी के कारण नुकसान हो सकता है।

पृथ्वी पर वापसी का सबसे कठिन चरण

पृथ्वी पर लौटने का सबसे चुनौतीपूर्ण और अहम समय 10 अप्रैल को होगा। इस दिन ओरियन स्पेसक्राफ्ट लगभग 40,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश करेगा। इस दौरान घर्षण के कारण तापमान करीब 2,760 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

वैज्ञानिक कैसे करेंगे सुरक्षा सुनिश्चित?

इस कठिन स्थिति से निपटने के लिए वैज्ञानिक ‘स्किप रीएंट्री’ तकनीक का इस्तेमाल करेंगे। इस तकनीक में यान पहले वायुमंडल में प्रवेश करता है, फिर थोड़ी देर के लिए बाहर निकलता है और उसके बाद दोबारा प्रवेश करता है। इससे गर्मी और दबाव दोनों कम हो जाते हैं, जिससे अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा बढ़ जाती है।

मिशन कब होगा पूरा?

यह मिशन 11 अप्रैल को पूरा होने की उम्मीद है। सुबह करीब 5:37 बजे यान Pacific Ocean में San Diego के पास उतरेगा। वहां USS John P. Murtha पहले से तैनात रहेगा। जैसे ही कैप्सूल समुद्र में गिरेगा, गोताखोर उसे सुरक्षित करेंगे और अंतरिक्ष यात्रियों को बाहर निकालकर जहाज पर ले जाएंगे।

क्यों खास है यह मिशन?

यह मिशन इसलिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि करीब 50 साल बाद इंसान चंद्रमा के इतने करीब पहुंचे हैं। NASA का यह मिशन भविष्य में इंसानों को दोबारा चंद्रमा पर भेजने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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