पानीपत। आसाराम बापू केस के मुख्य गवाह रहे महेंद्र चावला 70 लाख रुपये की ठगी के आरोप में पुलिस रिमांड पर है। इस मामले में भाई देवेंद्र और भतीजे रामप्रसाद को इस मामले में कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने तीनों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
अगली तारीख 23 अप्रैल को
पुलिस रिमांड के दौरान पांच राज्यों में दबिश देकर पूछताछ करेगी। कोर्ट की अगली तारीख 23 अप्रैल है। कोर्ट में एडवोकेट पुष्पेंद्र सिंह ने दलील दी कि आरोपितों ने ब्लैकमेलिंग के जरिये हड़पे 70 लाख न केवल पानीपत, उत्तर प्रदेश (शामली), पंजाब, उत्तराखंड (देहरादून) और गुजरात तक पहुंचाए। पुलिस को इन सभी राज्यों में छापेमारी कर रकम बरामद करनी है। महेंद्र चावला के हिस्से में 40 लाख रुपये आए, जो गुरदासपुर, सहारनपुर, चंडीगढ़ और गुजरात में छिपे होने का शक है।साथ ही सनौली स्थित घर से कंप्यूटर बरामद करना है। देवेंद्र चावला के हिस्से के 15 लाख रुपये बेंगलुरु में इसकी मौसी की लड़की के पास होने की सूचना है। भतीजे रामप्रसाद के पास से पुलिस ने एक लाख 15 हजार रुपये बरामद किए और 13.85 लाख उसके उत्तराखंड निवासी दोस्त से बरामद किए जाने हैं। दावा किया है कि मामले से जुड़ा एक सीसीटीवी भी सामने आया है।
यह है पूरा मामला
भगत सिंह ने थाना चांदनीबाग में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि महेंद्र और सनौली गांव के सरपंच संजय त्यागी का अदालत में केस चल रहा है। महेंद्र चावला मां ने कहा कि अगर वो सरपंच संजय से उनका समझौता करा देगा तो संजय के पक्ष में गवाही दे देंगे। इस पर भगत सिंह ने संजय से संपर्क किया। वहीं सनौली के पूर्व सरपंच सुरेंद्र शर्मा का भी एक मुकदमा चल रहाहै। उनमें भी महेंद्र चावला की गवाही होनी थी। उस मामले में भी समझौते की बात तय हो गई। पक्ष में गवाही देने के लिए 70 लाख रुपये एक मार्च को महेंद्र चावला को सौंप दिए। उनके भाई और भतीजे घर से 70 लाख रुपये ले गए।
महेंद्र चावला ने सरपंच के पक्ष में दी गवाही
भगत सिंह ने बताया कि दो मार्च को महेंद्र चावला ने सरपंच के पक्ष में गवाही दी। उस समय उसने कोर्ट में अपने ही परिचितों को पहचानने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने और रुपए हड़पने की प्लानिंग शुरू की। 5 मार्च को अगली तारीख पर पेश न होने के लिए झूठा मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करा दिया और 80 लाख रुपये की मांग करने लगे। अगले ही दिन पंचायत से ये प्रस्ताव पास हो गया, लेकिन इसके बाद महेंद्र ने 18 मार्च को 80 लाख रुपये और देने की डिमांड की।
कोर्ट में झूठी गवाही देने की धमकी
धमकी दी कि अगर ये पैसे नहीं मिले तो कोर्ट में वह झूठी गवाही देगा। इसके बाद महेंद्र चावला ने अदालत में गवाही नहीं दी। चांदनीबाग थाना पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। इसकी जांच सीआईए की टीम को दी गई। शनिवार शाम को सीआईए की टीम ने आरोपी महेंद्र चावला, उनके भाई और भतीजे को गिरफ्तार कर लिया। डीएसपी सतीश वत्स ने बताया कि महेंद्र चावला और उनके भाई और भतीजे को गिरफ्तार कर लिया गया है। आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
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