नई दिल्ली : केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एआई पाठ्यक्रम के व्यापक पुनर्गठन को लेकर एआई करिकुलम टास्कफोर्स और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। सरकार उद्योग जगत के सहयोग से कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में काम कर रही है।बैठक में बताया गया कि मौजूदा बी.टेक कंप्यूटर साइंस और संबंधित पाठ्यक्रमों का एनएएसएसकॉम और उद्योग विशेषज्ञों के साथ मिलकर अध्ययन किया गया है।
अध्ययन में पाया गया कि एआई शिक्षा का दायरा बढ़ा है, लेकिन जेनरेटिव एआई, एमएल ऑप्स और फाउंडेशन मॉडल जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण और आधारभूत ढांचे की कमी है। टास्कफोर्स ने सुझाव दिया कि शिक्षण को उद्योग आधारित उपयोग मामलों से जोड़ा जाए, व्यावहारिक प्रशिक्षण को 25-30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40-75 प्रतिशत किया जाए और एआई को पूरे पाठ्यक्रम में एकीकृत किया जाए।
साथ ही छात्रों को सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और एडवांस डिप्लोमा जैसे लचीले विकल्प दिए जाएं। बैठक में फैकल्टी विकास, उद्योग विशेषज्ञों की भागीदारी और राष्ट्रीय स्तर पर साझा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर भी जोर दिया गया। इसके तहत कॉलेजों को आधुनिक कंप्यूटिंग संसाधन और तकनीकी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की योजना पर चर्चा हुई। अंत में पाठ्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से लागू करने और एआईसीटीई के साथ समन्वय पर सहमति बनी।

