Bagalkot: बागलकोट शहर में शिवाजी जयंती के अवसर पर निकाले गए जुलूस के दौरान हुई पत्थरबाजी और उसके बाद भड़की हिंसा से माहौल तनावपूर्ण हो गया है। प्रशासन ने हालात पर नियंत्रण पाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
जुलूस के दौरान बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के मौके पर मराठा समुदाय द्वारा एक भव्य जुलूस निकाला गया। यह जुलूस किले स्थित अंबाभवानी मंदिर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए बसवेश्वर सर्कल और वल्लभभाई चौक की ओर बढ़ रहा था।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जुलूस जब एक मस्जिद के पास पहुंचा तो डीजे की आवाज तेज कर दी गई और कुछ लोग वहीं रुककर नारेबाजी करने लगे। इस पर मस्जिद में मौजूद लोगों ने आपत्ति जताई। बताया जा रहा है कि स्थिति को संभालने के लिए पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे और उन्होंने दोनों पक्षों को शांत रहने की अपील की।
चप्पल फेंके जाने के बाद भड़का माहौल
इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा जुलूस की ओर चप्पल फेंके जाने की बात सामने आई, जिसके बाद तनाव तेजी से बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद कुछ शरारती तत्वों ने मस्जिद परिसर की ओर से जुलूस पर पत्थरबाजी की। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच झड़प शुरू हो गई। पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और जुलूस को आगे बढ़ा दिया। हालांकि, कुछ देर बाद कथित रूप से कुछ लोगों ने मस्जिद के बाहर खड़े ठेलों में आग लगा दी, जिससे तनाव और गहरा गया।
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प्रशासन की सख्ती, दोषियों की पहचान शुरू
घटना के बाद शहर के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन एहतियातन इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

