कुरुक्षेत्र। Baisakhi Festival in Kurukshetra प्रसिद्ध लोक कलाकार लखविन्द्र वडाली ने बैसाखी महोत्सव 2026 की पहली सांस्कृतिक संध्या में अपनी सुरीली आवाज से ब्रह्मसरोवर की फिजा में सुफीयाना रंग भर दिया। इस सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत कलाकार लखविन्द्र वडाली ने भक्ति रस से भरे गीत से की।
गीतों से किया झूमने पर मजबूर
इसके उपरांत अपनी सुरीली आवाज से एक से एक सूफिया गीतों की प्रस्तुति देकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। केडीबी मेला ग्राउंड में कला एवं सांस्कृतिक विभाग हरियाणा एवं जिला प्रशासन के तत्वाधान में कुरुक्षेत्र में हो रहे पहली बार दो दिवसीय बैसाखी महोत्सव 2026 में देर सायं प्रसिद्ध लोक कलाकार लखविन्द्र वडाली के सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सांस्कृतिक संध्या को बनाया यादगार
इस सांस्कृतिक संध्या में पहुंचने पर उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, ओएसडी डा. प्रभलीन सिंह, भाजपा के जिला अध्यक्ष तिजेन्द्र सिंह गोल्डी ने प्रसिद्ध लोक कलाकार लखविन्द्र वडाली का स्वागत किया और शॉल देकर सम्मानित किया। इसके बाद प्रसिद्ध गायक लखविन्द्र वडाली ने एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति देकर बैसाखी महोत्सव 2026 की सांस्कृतिक संध्या को यादगार बनाने का काम किया।
नी मैं कमली यार दी… से जमाया रंग

कलाकार लखविन्द्र वडाली ने सांसों की माला, नी मैं कमली यार दी कमली, तू माने या ना माने, जुगनी, मस्त नजरों से, कल की बात, नजारा, सजदा, तेरा की लगदा, साहेबा, सोहनी कंदे ते, गुलाबी, रंग चढ़ेया, रब्ब मनेया (नीति मोहन के साथ) गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को अपने मोहपाश में बांध दिया। डीसी विश्राम मीणा ने मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रसिद्ध लोक कलाकार लखविन्द्र वडाली का जन्म गुरुओं की भूमि अमृतसर के गांव गुरु की वडाली में हुआ और वडाली परिवार पटियाला घराना पंजाब से संबंध रखता है।
लोक संगीत को शिखर तक पहुंचाया
इस परिवार ने लोक संगीत को शिखर पर पहुंचाने का काम किया और पूरे विश्व में वडाली ब्रदर्स के नाम से जाने जाते है। लखविन्द्र वडाली को उस्ताद बिस्मिल्ला खान युवा पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है। इस मौके पर एडीसी विवेक आर्य, एसडीएम अमन कुमार, नगराधीश आशीष कुमार, डा. अवनीत कुमार वडैच, कमलजीत सिंह अजराना, बीबी रविन्द्र कौर, लखविन्द्र पाल सिंह, नरेंद्र गिल और दिलबाग सिंह उपस्थित थे।
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