नेशनल डेस्क: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के एक बयान को लेकर बांग्लादेश ने कड़ी नाराजगी जताई है। इस मामले में बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त पवन बाधे को ढाका में बुलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विदेश मंत्रालय की महानिदेशक (दक्षिण एशिया) इशरत जहां ने भारतीय राजनयिक से मुलाकात की और कहा कि इस तरह के बयान दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

दरअसल, पिछले हफ्ते सरमा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था कि असम में 20 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया और उन्हें वापस बांग्लादेश भेज दिया गया। उन्होंने सख्त लहजे में यह भी कहा था कि “घुसपैठियों” के खिलाफ कार्रवाई करते समय नरमी नहीं बरती जाएगी।
बांग्लादेश ने इन बयानों को अपमानजनक बताया और कहा कि इस तरह की टिप्पणियां दोनों देशों की दोस्ती की भावना को कमजोर करती हैं। साथ ही, बांग्लादेश ने भारत से अपील की कि संवेदनशील मुद्दों पर बोलते समय संयम रखा जाए।
दोनों देशों के रिश्तों की बात करें तो पिछले कुछ समय में इनमें उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। साल 2024 में शेख हसीना की सरकार के गिरने के बाद और मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनने से संबंधों में तनाव बढ़ गया था। हालांकि, फरवरी में हुए चुनावों के बाद तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों देश अपने रिश्तों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।
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