Banke Bihari Temple Corridor : बांके बिहारी मंदिर की बहुप्रतीक्षित कॉरिडोर परियोजना अब मूर्त रूप लेने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद योगी सरकार ने मंदिर के आसपास पांच एकड़ भूमि को प्राथमिकता के आधार पर अधिग्रहित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कॉरिडोर के निर्माण का उद्देश्य श्रद्धालुओं को भगवान बांके बिहारी के दर्शन के लिए आरामदायक, सुरक्षित और सम्मानजनक मार्ग उपलब्ध कराना है और साथ ही मंदिर क्षेत्र में मौजूद अव्यवस्था और भीड़भाड़ की समस्याओं को दूर करना है।
ये होंगी व्यवस्थाएं-
कॉरिडोर के निर्माण के बाद मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को अव्यवस्था का सामना नहीं करना पड़ेगा। कॉरिडोर में श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध पेयजल, विश्राम स्थल, स्वच्छ शौचालय, चिकित्सा केंद्र, लॉकर, प्रसाद वितरण और सुरक्षा व्यवस्था जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। यह परियोजना आस्था और संरचना का अनूठा संगम बनकर उभरेगी।
मंदिर की धार्मिक व्यवस्था में हस्तक्षेप नहीं करेगी सरकार-
इसके अलावा बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ और अव्यवस्थित व्यवस्था के कारण पहले भी कई भगदड़ जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। नई कॉरिडोर व्यवस्था से यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी तथा दर्शन व्यवस्था अधिक सुचारू एवं कुशल तरीके से संचालित हो सकेगी। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बांके बिहारी मंदिर के सेवायतों (गोस्वामी समाज) के पारंपरिक अधिकार, सेवाएं एवं धार्मिक परंपराएं बरकरार रहेंगी। सरकार केवल बाह्य विकास कार्य कराएगी, मंदिर की धार्मिक व्यवस्था में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।
समस्याओं का समाधान लेकर आएगी कॉरिडोर परियोजना-
गौरतलब है कि बांके बिहारी मंदिर में वर्ष 1939 से सिविल कोर्ट द्वारा रिसीवर नियुक्त किया जाता रहा है, इसके बावजूद मंदिर क्षेत्र में अव्यवस्था पर पूरी तरह से नियंत्रण नहीं हो पाया है। नई कॉरिडोर परियोजना इन समस्याओं का समाधान लेकर आएगी। कॉरिडोर निर्माण के दौरान यदि किसी की दुकान या मकान प्रभावित होता है तो राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि उन्हें दुकान एवं मकान अथवा वैकल्पिक व्यवस्था के बदले मुआवजा दिया जाएगा। इस प्रकार इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि परियोजना से किसी प्रकार का सामाजिक असंतोष उत्पन्न न हो।
पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों की संख्या में होगी वृद्धि-
कॉरिडोर निर्माण के बाद यहां आने वाले पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों की संख्या में चार गुना वृद्धि होने की उम्मीद है। इससे न सिर्फ स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। स्थानीय दुकानदारों और छोटे कारोबारियों की आय में भी काफी वृद्धि होगी।

