कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले के मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई है। घटना के बाद आरोपी की मां संध्या मंडल ने बेटे का शव लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को उसके अपराध की सजा मिल चुकी है और वह उसका शव या अस्थियां भी घर नहीं लाएंगी।
‘जो करना है करो, शव घर मत लाना’
संध्या मंडल ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया कि बुधवार सुबह दो पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और बेटे की मौत की जानकारी दी। पुलिस ने उन्हें अस्पताल आने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा, “मेरे पति बीमार हैं, इसलिए मैं अस्पताल नहीं जा सकती। मैंने पुलिस से कह दिया कि जो करना है करो, लेकिन मेरे बेटे का शव मेरे घर मत लाना।”
‘उसने गलत किया, उसे सजा मिल गई’
संध्या मंडल ने कहा कि उनका बेटा गलत काम में शामिल था और उसे उसके किए की सजा मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि वह न तो उसका शव लेंगी और न ही उसकी अस्थियां घर लाएंगी। उन्होंने कहा, “उसने कोई अच्छा काम नहीं किया। उसने गलत किया और उसे उसकी सजा मिल गई। आप उसे दफना दें या जो उचित समझें करें। मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मैं उसका शव नहीं लूंगी।”
#WATCH | West Bengal: Prabhas Mondal, the accused in the Baruipur rape and murder case, killed in a police encounter.
His mother says, “Two Policemen had come to my house. I had woken up just then. They told me that my son is dead, so would I like to go to the hospital. I told… pic.twitter.com/Xo01Hw7L4n
— ANI (@ANI) July 8, 2026
कैसे हुआ एनकाउंटर?
पुलिस के मुताबिक, प्रभाष मंडल को घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए ले जाया गया था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्तौल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में प्रभाष मंडल गोली लगने से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसके परिवार को घटना की जानकारी दी।
क्या है पूरा मामला?
बारुईपुर की 12 वर्षीय बच्ची 4 जुलाई को लापता हो गई थी। अगले दिन दक्षिण 24 परगना के सूर्यपुर हाट इलाके में एक तालाब से बोरे में उसका शव बरामद हुआ। पुलिस का आरोप है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई और सबूत छिपाने के लिए शव तालाब में फेंक दिया गया। इस घटना के बाद इलाके में लोगों का भारी आक्रोश देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम किया, पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
जांच के दौरान प्रभाष मंडल को मुख्य आरोपी बनाया गया था। बाद में पुलिस एनकाउंटर में उसकी मौत हो गई। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर पुलिस की कार्रवाई, कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया पर बहस जारी है। पुलिस का कहना है कि एनकाउंटर आत्मरक्षा में किया गया, जबकि मामले की आगे की जांच जारी है।

