धर्म डेस्क। भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के प्यार का प्रतीक होता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं। इस साल भाई दूज 23 अक्टूबर 2025, गुरुवार के दिन मनाई जाएगी। इस दिन टीका करने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:19 से 3:35 बजे तक रहेगा। यानी दोपहर का समय भाइयों को टीका करने के लिए सबसे शुभ माना गया है।
भाई दूज कैसे मनाते हैं?
भाई दूज का पर्व बहुत ही प्यार और परंपरा के साथ मनाया जाता है।
यहां जानिए कैसे मनाते हैं बहनें यह खास दिन –
-सुबह स्नान और पूजा का संकल्प
बहनें सुबह जल्दी उठकर स्नान करती हैं और व्रत रखने का संकल्प लेती हैं।
-पूजा की थाली सजाना
वे आरती की थाली में दीपक, रोली, अक्षत, मिठाई और कलावा रखती हैं।
-भाई को टीका लगाना
बहन अपने भाई को घी या चंदन का टीका लगाती है, कलावा बांधती है और आरती उतारती है।
-मिठाई और उपहार का आदान-प्रदान
बहन भाई को मिठाई खिलाती है और भाई बहन को उपहार देता है, जिससे उनका रिश्ता और मजबूत होता है।
भाई दूज क्यों मनाई जाती है?
भाई दूज की कहानी यमराज और उनकी बहन यमुना से जुड़ी है। कहते हैं कि इस दिन यमराज, जो मृत्यु के देवता हैं, अपनी बहन यमुना के घर मिलने गए थे। यमुना अपने भाई को देखकर बहुत खुश हुईं। उन्होंने अपने हाथों से भोजन बनाकर यमराज को खिलाया और उनकी आरती उतारी। यमराज ने प्रसन्न होकर कहा कि जो भी बहन इस दिन अपने भाई की पूजा करेगी, उसके भाई की रक्षा मैं स्वयं करूंगा। तभी से भाई दूज का त्योहार मनाने की परंपरा शुरू हुई और यह दिन भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक बन गया।
भाई दूज का महत्व
भाई दूज का दिन परिवार में प्रेम और एकता का संदेश देता है। यह त्योहार हमें यह याद दिलाता है कि भाई-बहन का रिश्ता सिर्फ जन्म का नहीं, बल्कि भावनाओं का भी होता है।

