नेशनल डेस्क: देश में ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के बीच अब एक नया और स्वदेशी विकल्प सामने आया है। सहकारिता मंत्रालय की ओर से शुरू की गई देश की पहली को-ऑपरेटिव टैक्सी सर्विस ‘भारत टैक्सी ऐप’ को आज आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया गया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के विज्ञान भवन में इस ऐप का उद्घाटन किया।
भारत टैक्सी पूरी तरह ऐप बेस्ड और स्वदेशी टैक्सी सेवा है, जिसे ड्राइवर-ओनरशिप मॉडल पर तैयार किया गया है। माना जा रहा है कि इसके आने से ओला, उबर और रैपिडो जैसी प्राइवेट कंपनियों की एकाधिकार व्यवस्था को चुनौती मिलेगी और यात्रियों को बेहतर और सस्ती सेवाएं मिल सकेंगी।
ड्राइवरों को मिलेगा पूरा पैसा
भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा। अन्य निजी टैक्सी ऐप्स जहां ड्राइवरों से मोटा कमीशन वसूलते हैं, वहीं भारत टैक्सी में ड्राइवर सिर्फ मामूली दैनिक, साप्ताहिक या मासिक मेंबरशिप शुल्क देकर काम कर सकेंगे।
भारत टैक्सी के सीईओ विवेक पांडेय के अनुसार, फिलहाल ड्राइवरों से कोई सर्विस चार्ज नहीं लिया जा रहा है। भविष्य में यह शुल्क करीब 25 से 30 रुपये प्रतिदिन हो सकता है, जो दूसरी कंपनियों की तुलना में बेहद कम है। इससे ड्राइवरों की आमदनी बढ़ेगी और बड़ी संख्या में लोग इस प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे।

किराया रहेगा तय
यात्रियों के लिए भी भारत टैक्सी कई मायनों में फायदेमंद साबित हो सकती है। इस ऐप में सर्ज प्राइसिंग नहीं होगी, यानी बारिश, ट्रैफिक या पीक टाइम के नाम पर किराया नहीं बढ़ेगा। किराया पहले से तय और पारदर्शी होगा, जिससे यात्रियों को बार-बार बढ़ते दामों की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। आमतौर पर ओला-उबर जैसी कंपनियां पीक ऑवर्स में किराया दोगुना कर देती हैं, लेकिन भारत टैक्सी में ऐसा नहीं होगा। प्रतिस्पर्धा बढ़ने से अन्य कंपनियों को भी अपने किराए कम करने पड़ सकते हैं, जिसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा।
ऑटो, कार और बाइक- तीनों की सुविधा
भारत टैक्सी ऐप के जरिए ऑटो, कार और बाइक टैक्सी बुक की जा सकेगी। यह सेवा सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के तहत चलाई जा रही है, जिसे देश का पहला नेशनल मोबिलिटी कोऑपरेटिव मॉडल बताया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक इस प्लेटफॉर्म से 4 लाख से ज्यादा ड्राइवर जुड़ चुके हैं और लगभग 10 करोड़ रुपये ड्राइवरों को वितरित किए जा चुके हैं।
महिलाओं के लिए खास सुविधा
भारत टैक्सी में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर भी खास ध्यान दिया गया है। ‘बाइक दीदी’ जैसी पहल के तहत अब तक 150 से ज्यादा महिला ड्राइवर इस सेवा से जुड़ चुकी हैं। आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ाई जाएगी। महिला यात्री चाहें तो फीमेल राइडर का विकल्प भी चुन सकेंगी, जिससे उनकी यात्रा ज्यादा सुरक्षित और सहज हो सकेगी। यह कदम महिला सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
टैक्सी खरीदने के लिए मिलेगा लोन
भारत टैक्सी से जुड़े ड्राइवरों को आगे चलकर सरकारी लोन की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे खुद की टैक्सी खरीद सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यात्रियों और ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए भारत टैक्सी ने दिल्ली पुलिस और गुजरात पुलिस के साथ साझेदारी की है। ऐप में रियल-टाइम ट्रैकिंग, वेरिफाइड ड्राइवर, मल्टीलिंगुअल सपोर्ट और 24×7 कस्टमर केयर जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। भविष्य में इसे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की भी योजना है।
8 बड़ी सहकारी संस्थाओं का सहयोग
सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड को देश की 8 बड़ी सहकारी संस्थाओं का समर्थन मिल रहा है, जिनमें अमूल, इफको, कृभको, नाफेड, एनडीडीबी, एनसीईएल, एनसीडीसी और नाबार्ड शामिल हैं। कंपनी के बोर्ड में ड्राइवरों के दो निर्वाचित प्रतिनिधि भी हैं, जिससे उनकी समस्याएं और मांगें सीधे प्रबंधन और सरकार तक पहुंच सकें।
ऐप डाउनलोड करते समय रखें सावधानी
भारत टैक्सी ऐप गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर उपलब्ध है और फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर बड़े स्तर पर इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि केवल वही ऐप डाउनलोड करें जो सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा जारी किया गया हो, क्योंकि इसी नाम से कुछ अन्य ऐप्स भी मौजूद हैं।