Last Updated: November 6, 2026

Dainik Savera Times Logo

धार भोजशाला परिसर की ASI सव्रे रिपोर्ट में बड़े खुलासे, खंभों पर हिंदू-देवी देवताओं की मूर्तियां

July 16, 2024

धार भोजशाला परिसर की ASI सव्रे रिपोर्ट में बड़े खुलासे, खंभों पर हिंदू-देवी देवताओं की मूर्तियां

भोपाल: मध्य प्रदेश की धार भोजशाला मामले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने अपनी सर्वे रिपोर्ट इंदौर हाईकोर्ट में पेश कर दी है। इस रिपोर्ट में भोजशाला के खंभों पर हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियां और निशान का जिक्र किया गया है। जांच के दौरान श्रीकृष्ण, शिव, जटाधारी भोलेनाथ, ब्रrा समेत 94 देवी-देवताओं की मूर्तियां मिली हैं। अपनी रिपोर्ट में एएसआई ने कहा है कि परिसर से चांदी, तांबे, एल्यूमीनियम और स्टील के कुल 31 सिक्के बीते दिनों पाए गए थे। इन सिक्कों को 10वीं सदी का बताया गया है। इसके अलावा यह भी दावा किया गया कि कुछ सिक्के उस समय के भी हैं जब परमार राजा धार में अपनी राजधानी के साथ मालवा में शासन कर रहे थे।


11 मार्च को इंदौर हाईकोर्ट ने धार भोजशाला का एएसआई की देखरेख में वैज्ञानिक सर्वे कराने का आदेश दिया था। सर्वेक्षण 22 मार्च से शुरू हुआ जो 27 जून तक यानी 98 दिनों तक किया गया। सर्वे के दौरान एएसआई की टीम ने खुदाई भी की। इस दौरान पूरे सर्वे की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी की गई। इस दौरान एएसआई ने अलग-अलग तरह के अवशेष जब्त किए हैं, जिसमें भोजशाला की दीवार, पिलर, खुदाई के दौरान देवी-देवताओं की मूर्तियां मिली हैं। एएसआई ने करीब 2000 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है।


विवाद क्या है? : धार जिले की आधिकारिक वैबसाइट के मुताबिक राजा भोज (1000-1055 ई.) परमार राजवंश के सबसे बड़े शासक थे। 11वीं शताब्दी में यहां परमार वंश का राज हुआ करता था। उन्होंने धार में यूनिवर्सिटी की स्थापना की। इसे बाद में भोजशाला के रूप में जाना जाने लगा। अलाउद्दीन खिलजी ने 1305 ईस्वी में भोजशाला को नष्ट कर दिया था। 1401 ईस्वी में दिलावर खान गौरी ने भोजशाला के एक हिस्से में एक मस्जिद का निर्माण करवाया। 1875 में खुदाई करने पर यहां से मां सरस्वती की एक मूर्ति निकली थी। इसे बाद में मेजर किंकैड लंदन लेकर चले गए।

हिन्दू पक्ष इसके सरस्वती मंदिर होने का दावा करता है। इसके सबूत के तौर पर हिन्दू पक्ष की ओर से हाईकोर्ट में तस्वीरें भी पेश की गईं। फिलहाल यह भोजशाला केंद्र सरकार के अधीन है और इसका संरक्षण एएसआई करती है। एएसआई ने 7 अप्रैल 2003 को एक आदेश दिया जिसके मुताबिक हिंदुओं को प्रत्येक मंगलवार भोजशाला में पूजा करने की अनुमति है। वहीं मुस्लिमों को हर शुक्रवार को इस जगह पर नमाज अदा करने की इजाजत दी गई।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें