पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव की हलचल अब तेज़ होती दिख रही है। चुनाव आयोग की एक उच्च स्तरीय टीम, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में, दशहरा के तुरंत बाद बिहार का दौरा कर सकती है। इस दौरे का मकसद राज्य में चुनावी तैयारियों की समीक्षा और आगामी चुनाव कार्यक्रम की संभावित रूपरेखा तैयार करना है।
सूत्रों के अनुसार, आयोग का यह दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसके बाद ही चुनाव की तारीखों की औपचारिक घोषणा की जा सकती है। चुनाव आयोग की रणनीति में त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखकर मतदान की तारीखों का चयन किया जाएगा, जिससे किसी भी सांस्कृतिक या धार्मिक गतिविधि में बाधा न आए।
दिवाली के आसपास हो सकती है तारीखों की घोषणा
संभावना है कि दिवाली से पहले चुनाव कार्यक्रम का ऐलान किया जाए, जबकि मतदान प्रक्रिया छठ पूजा (25 से 28 अक्टूबर) के बाद शुरू की जा सकती है। विश्वसनीय सूत्रों की मानें, तो 5 से 15 नवंबर के बीच तीन चरणों में मतदान हो सकता है, जिससे 22 नवंबर तक नई विधानसभा के गठन की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में चुनाव आयोग पर यह जिम्मेदारी है कि वह इससे पहले सभी प्रक्रियाएं नामांकन, मतदान, मतगणना और परिणाम घोषित समाप्त कर ले।
30 सितंबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
चुनाव आयोग ने राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (Special Intensive Revision – SIR) के तहत चल रही प्रक्रिया के अंतर्गत घोषणा की है कि 30 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। इससे चुनावी तैयारियों को औपचारिक रूप से गति मिलेगी।
इसके अलावा, आयोग ने राज्यभर में बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू कर दिया है, जिसमें अब तक 280 से अधिक एजेंट्स भाग ले चुके हैं। इससे बूथ स्तर पर चुनावी कार्यों की पारदर्शिता और कुशलता सुनिश्चित की जाएगी।
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