Bihar poster war : बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति और राज्य में हो रही आपराधिक घटनाओं को लेकर राजद और कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल लगातार सरकार पर हमला बोल रहे हैं। इस बीच, पटना के कई चौराहों और तिराहों पर ‘बिहार में गुंडाराज’ के पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें आठ हत्याओं का ज़िक्र है। पटना के जेपी गोलंबर, आयकर चौराहा, वीरचंद पटेल रोड, बोरिंग रोड चौराहा और अन्य जगहों पर ये पोस्टर किसने लगाए हैं, इसका ज़िक्र इन पोस्टरों में नहीं है। पोस्टर के बीच में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तस्वीर है और लिखा है, ‘बिहार में गुंडाराज, व्यवसायियों पर आफत’।
पोस्टर में हत्याओं की तारीख और तस्वीरें-
पोस्टर के चारों ओर बिहार में हाल ही में हुई आठ हत्याओं का ज़िक्र तारीखों के साथ किया गया है, जिसमें मृतकों की तस्वीरें भी लगाई गई हैं। पोस्टर में सबसे पहले प्रसिद्ध उद्योगपति गोपाल खेमका की तस्वीर है जिस पर उनकी हत्या की तारीख लिखी है। इसी तरह, पोस्टर में व्यवसायी दीपक शाह, मार्ट मालिक विक्रम झा, शिक्षक संतोष राय और बालू व्यवसायी रमाकांत यादव की हत्याओं का भी ज़िक्र है। इसके अलावा, पोस्टर में व्यवसायी पुट्टू खान और वकील जितेंद्र मेहता की हत्या का भी ज़िक्र है, जिनकी 13 जुलाई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
“बिहार में गुंडों का राज”
इस बीच, कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने मंगलवार को बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर कहा कि बिहार में गुंडों का राज है। कांग्रेस नेता कृष्णा अल्लावरु ने कहा, ‘बिहार देश की अपराध राजधानी बन गया है। ऐसा तब से हो रहा है जब से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीमार पड़े हैं और बिहार सरकार भाजपा चला रही है।’ गौरतलब है कि सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।

