नेशनल डेस्क। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग करने वाले जदयू नेता और पूर्व सांसद केसी त्यागी से अब पार्टी ने साफ तौर पर दूरी बना ली है। जदयू ने स्पष्ट कर दिया है कि केसी त्यागी के हालिया बयान पार्टी की आधिकारिक राय नहीं हैं। केसी त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की थी। उन्होंने पत्र में लिखा कि नीतीश कुमार समाजवादी आंदोलन के एक अनमोल रत्न हैं और देश के लिए उनका योगदान बेहद अहम रहा है। त्यागी ने यह भी कहा था कि इससे पहले भी कई जीवित राजनेताओं को भारत रत्न दिया जा चुका है, इसलिए नीतीश कुमार को यह सम्मान मिलना चाहिए।
समाजवादी नेताओं का दिया गया उदाहरण
अपने पत्र में केसी त्यागी ने समाजवादी पृष्ठभूमि के दो बड़े नेताओं का भी जिक्र किया था जिनमें स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह, स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर शामिल थे। उन्होंने बताया कि इन दोनों नेताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
पहले भी उठी थी भारत रत्न की मांग
यह पहली बार नहीं है जब नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग उठी हो। इससे पहले भी कई नेताओं और समर्थकों ने ऐसी मांग की थी।
लेकिन उन मौकों पर जदयू की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
जदयू का साफ संदेश, ये निजी बयान हैं
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि हाल के दिनों में केसी त्यागी के कई बयान सामने आए हैं। ये बयान पार्टी की आधिकारिक सोच नहीं हैं। केसी त्यागी ये बातें अपनी निजी हैसियत में कह रहे हैं। राजीव रंजन ने यहां तक कहा कि पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को यह भी नहीं पता कि केसी त्यागी अभी जदयू में हैं या नहीं।
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भारत रत्न की मांग पर सीधे कुछ नहीं कहा
हालांकि जदयू प्रवक्ता ने सीधे तौर पर भारत रत्न की मांग का नाम नहीं लिया, लेकिन बयान के समय और हालात को देखते हुए यह साफ माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व को यह मांग पसंद नहीं आई। केसी त्यागी का बयान शुक्रवार को आया था और जदयू की प्रतिक्रिया शनिवार सुबह ही सामने आ गई।
पार्टी में लगातार कमजोर होती गई केसी त्यागी की स्थिति
जदयू में केसी त्यागी की भूमिका धीरे-धीरे सीमित होती चली गई है। एक समय वह पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव और प्रमुख प्रवक्ता हुआ करते थे। लेकिन बाद में उन्हें इन अहम पदों से हटा दिया गया।
सलाहकार की भूमिका भी लगभग खत्म
हाल के समय तक केसी त्यागी को जदयू में एक सलाहकार के रूप में देखा जाता था। लेकिन शनिवार को आए राजीव रंजन के बयान से साफ संकेत मिलते हैं कि अब पार्टी में उनकी यह भूमिका भी लगभग समाप्त हो चुकी है।
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