
नई दिल्ली: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को सोमवार को सार्वजनिक मामलों में उनके योगदान के लिए मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
सुशील कुमार मोदी की पत्नी जेसी सुशील मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से यह पुरस्कार ग्रहण किया। सुशील मोदी का निधन 13 मई 2024 को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में सात महीने तक कैंसर से जूझने के बाद हुआ। वह 72 वर्ष के थे।
अपने तीन दशक के राजनीतिक करियर में मोदी ने बिहार के राजनीतिक माहौल को आकार देने में अहम भूमिका निभाई है। सुशील मोदी विधायक, एमएलसी और लोकसभा तथा राज्यसभा के सदस्य समेत विभिन्न पदों पर रहे। उन्होंने 2005 से 2013 तक और फिर 2017 से 2020 तक बिहार के उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।
इस बीच, उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित को साहित्य और शिक्षा में उनके योगदान के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किया।
पद्म भूषण पुरस्कार विजेताओं की सूची में केरल से पीआर श्रीजेश (खेल), गुजरात से पंकज पटेल (व्यापार और उद्योग), महाराष्ट्र से पंकज उधास (मरणोपरांत) (कला), उत्तर प्रदेश से राम बहादुर राय (साहित्य और शिक्षा-पत्रकारिता), उत्तर प्रदेश से साध्वी ऋतंभरा (सामाजिक कार्य), तमिलनाडु से एस अजित कुमार (कला), महाराष्ट्र से शेखर कपूर (कला), तमिलनाडु से शोभना चंद्रकुमार (कला), बिहार से सुशील कुमार मोदी (मरणोपरांत) (सार्वजनिक मामले) और संयुक्त राज्य अमेरिका से विनोद धाम (विज्ञान और इंजीनियरिंग) शामिल हैं।
देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं – पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण।
ये पुरस्कार विभिन्न विषयों में दिए जाते हैं, जैसे कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा और साहित्य। पद्म श्री पुरस्कार भारत रत्न, पद्म विभूषण और पद्म भूषण के बाद भारतीय गणराज्य का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है।
इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। भारत के राष्ट्रपति इन्हें राष्ट्रपति भवन में आयोजित औपचारिक समारोह में प्रदान करते हैं, जो आमतौर पर मार्च या अप्रैल के आसपास होता है।
ये भी पढ़ें: अजय देवगन ने खरीदी नई Mercedes-Benz V-Class, कीमत सहित जानें गाड़ी की खासियत
मेष: दिन शुभ रहेगा...