नेशनल डेस्कः महाराष्ट्र के ठाणे से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां जन्मदिन की खुशियां कुछ ही घंटों में चिंता और डर में बदल गईं। बेकरी की कथित लापरवाही के कारण 3 साल के एक मासूम बच्चे ने अनजाने में केक के भीतर छिपी 2 मेटल पिन निगल लीं। इस घटना के बाद करीब 48 घंटे तक पूरा परिवार भय और तनाव के माहौल में रहा।
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जानकारी के अनुसार, ठाणे निवासी स्नेहा शेलार ने 31 मई को अपने बेटे रेयांश का तीसरा जन्मदिन धूमधाम से मनाया था। इस खास अवसर के लिए एक थीम-बेस्ड केक मंगवाया गया था। जन्मदिन का जश्न खत्म होने के अगले दिन परिवार को एक चौंकाने वाली जानकारी मिली। घर के बड़े बच्चों ने बताया कि केक पर लगी चॉकलेट बॉलिंग पिन के अंदर मेटल पिन लगी हुई थीं। यह सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए। उन्हें आशंका हुई कि खेल-खेल में रेयांश इन मेटल पिन को निगल चुका है। परिवार बिना देर किए बच्चे को ठाणे के जुपिटर अस्पताल लेकर पहुंचा। अस्पताल में किए गए एक्स-रे ने उनकी आशंका को सही साबित कर दिया। जांच में पता चला कि बच्चे की छोटी आंत में दो मेटल पिन फंसी हुई हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, ये सुइयां आंत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती थीं और स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बच्चे को लगातार निगरानी में रखा गया। इसके बाद परिवार के लिए इंतजार और चिंता के वे 48 घंटे शुरू हुए, जब हर पल किसी अनहोनी का डर बना रहा। सौभाग्य से करीब 48 घंटे बाद दोनों धातु की सुइयां बिना किसी सर्जरी के प्राकृतिक रूप से बच्चे के शरीर से बाहर निकल गईं। इसके बाद परिवार ने राहत की सांस ली। फिलहाल रेयांश की हालत स्थिर बताई जा रही है।
इस घटना ने बेकरी उद्योग में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि बेकरी को यह जानकारी थी कि केक एक छोटे बच्चे के जन्मदिन के लिए तैयार किया जा रहा है, इसके बावजूद सजावट को मजबूती देने के लिए धातु की तारों का इस्तेमाल किया गया। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि ग्राहक को इस बारे में कोई चेतावनी या जानकारी नहीं दी गई।
घटना के बाद रेयांश की मां स्नेहा शेलार ने सोशल मीडिया के माध्यम से सभी माता-पिता से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए केक खरीदते समय उसकी सजावट में इस्तेमाल की गई सामग्री की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह पूरी तरह सुरक्षित तथा खाने योग्य हो। ठाणे की यह घटना एक बड़ा सबक देती है कि जश्न के दौरान की गई छोटी-सी लापरवाही भी किसी मासूम की जिंदगी को खतरे में डाल सकती है। खुशियों का प्रतीक माना जाने वाला जन्मदिन का केक इस परिवार के लिए कुछ घंटों के लिए डर, चिंता और बेचैनी का कारण बन गया।
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