जम्मू : भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), जम्मू एवं कश्मीर शाखा कार्यालय (जेकेबीओ) द्वारा आज बीआईएस जम्मू कार्यालय में अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत नव प्रदत्त बीआईएस लाइसेंसधारकों के लिए ‘मानक संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर, पठानकोट एवं गुरदासपुर क्षेत्रों के नव प्रमाणित उद्योगों एवं प्रतिष्ठानों के 18 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम उन लाइसेंसधारकों के लिए आयोजित किया गया था जिन्हें 18 दिसंबर 2025 से 31 मई 2026 की अवधि के दौरान बीआईएस प्रमाणन प्राप्त हुआ है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नव प्रदत्त लाइसेंसधारकों को बीआईएस प्रमाणन आवश्यकताओं, अनुपालन दायित्वों, निगरानी प्रक्रियाओं, मार्किंग एवं लेबलिंग आवश्यकताओं, नवीनीकरण प्रक्रियाओं तथा बीआईएस द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं से अवगत कराना था। प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए श्री आशीष कुमार द्विवेदी, मानक संवर्धन अधिकारी, बीआईएस-जेकेबीओ ने नव प्रदत्त लाइसेंसधारकों को भारत की गुणवत्ता पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा बनने पर बधाई दी तथा भारतीय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री जीवानंदम डी, वैज्ञानिक-ई/निदेशक एवं प्रमुख, बीआईएस जम्मू एवं कश्मीर शाखा कार्यालय ने भारतीय मानकों के निरंतर अनुपालन के महत्व पर प्रकाश डाला तथा कहा कि बीआईएस प्रमाणन गुणवत्ता, सुरक्षा, विश्वसनीयता और उपभोक्ता विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने लाइसेंसधारकों को गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने तथा देश में गुणवत्ता संस्कृति को सुदृढ़ बनाने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
बीआईएस गतिविधियों एवं मानकीकरण पारिस्थितिकी तंत्र पर विस्तृत प्रस्तुति श्री साकिब राही, वैज्ञानिक-सी/उप निदेशक द्वारा दी गई, जिसमें उन्होंने मानकीकरण, प्रमाणन, परीक्षण, उपभोक्ता मामलों एवं गुणवत्ता संवर्धन में बीआईएस की भूमिका को विस्तार से समझाया।
‘गैर-अनुरूपताओं से निपटने हेतु दिशा-निर्देश’ विषय पर एक तकनीकी सत्र तथा मानक ऑनलाइन पोर्टल (लाइसेंस डैशबोर्ड) का लाइव प्रदर्शन श्री वेसालापु अविनाश बाबू, वैज्ञानिक-डी/संयुक्त निदेशक द्वारा किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को अनुपालन आवश्यकताओं, निगरानी तंत्र तथा गैर-अनुरूपताओं को दूर करने हेतु आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाहियों की जानकारी दी गई।

लाइसेंसों के नवीनीकरण हेतु दिशा-निर्देशों पर एक अन्य जानकारीपूर्ण सत्र श्री मनीष कुमार, वैज्ञानिक-डी/संयुक्त निदेशक द्वारा आयोजित किया गया। इस सत्र में शुल्क संरचना, नवीनीकरण प्रक्रियाओं, दस्तावेजी आवश्यकताओं तथा बीआईएस प्रमाणन आवश्यकताओं के अनुपालन को बनाए रखने की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को बीआईएस अधिकारियों के साथ संवाद स्थापित करने, प्रमाणन संबंधी विषयों पर स्पष्टीकरण प्राप्त करने तथा अपने अनुभव एवं सुझाव साझा करने के लिए एक प्रभावी मंच भी प्रदान किया। प्रोत्साहन एवं सहयोग के प्रतीक स्वरूप नव प्रदत्त लाइसेंसधारकों को स्वागत किट भी वितरित किए गए।
प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि इस कार्यक्रम से बीआईएस प्रमाणन आवश्यकताओं, निगरानी प्रक्रियाओं एवं अनुपालन दायित्वों के संबंध में उनकी समझ में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बीआईएस जेकेबीओ ने क्षेत्र में उद्योग हितधारकों को निरंतर सहयोग प्रदान करने तथा गुणवत्ता, मानकीकरण और उपभोक्ता संरक्षण की संस्कृति को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।