नई दिल्लीः भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आने वाले विशेष संसद सत्र को लेकर अपने सभी सांसदों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। पार्टी ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। इसके तहत 16 से 18 अप्रैल 2026 तक सभी सांसदों की सदन में मौजूदगी अनिवार्य कर दी गई है।
तीन दिन तक अनिवार्य उपस्थिति
पार्टी ने साफ कहा है कि इन तीन दिनों के दौरान कोई भी सांसद या केंद्रीय मंत्री छुट्टी नहीं ले सकता। सभी को लगातार संसद में उपस्थित रहना होगा और कार्यवाही में सक्रिय रूप से भाग लेना होगा। भाजपा ने अपने पत्र में लिखा है कि सभी सदस्य व्हिप का सख्ती से पालन करें और अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें।
महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार, इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर चर्चा करना है। सरकार चाहती है कि इस महत्वपूर्ण विधेयक पर विस्तार से बहस हो और आगे की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। इसे एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
व्हिप में क्या कहा गया
भाजपा द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि 16 से 18 अप्रैल (गुरुवार से शनिवार) तक सभी सांसदों के लिए तीन-लाइन व्हिप लागू रहेगा। सभी केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को इन तीनों दिन सदन में मौजूद रहना होगा। किसी भी तरह की छुट्टी मंजूर नहीं की जाएगी।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
इस विशेष सत्र को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। साथ ही परिसीमन जैसे मुद्दों पर भी स्पष्ट जानकारी मांगी जा रही है।
विपक्ष ने कहा- सभी दलों की बैठक होनी चाहिए
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए सभी दलों की बैठक होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना विपक्ष को भरोसे में लिए यह विशेष सत्र बुलाया है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि कई जरूरी जानकारी अभी साफ नहीं है, जिससे सार्थक चर्चा में दिक्कत आ सकती है।

