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BCCI के फैसले पर बीजेपी नेता नवनीत राणा का आया बयान, कहा- भारत में किसी भी बांग्लादेशी क्रिकेटर को नहीं…

BJP leader Navneet Rana

BJP leader Navneet Rana

नेशनल डेस्क। बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे कथित अत्याचारों को लेकर भारत में लोगों के बीच भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। देश के कई शहरों में लोगों ने सड़कों पर उतरकर बांग्लादेश के खिलाफ प्रदर्शन किया और अपना विरोध जताया। वहीं, BCCI के इस फैसले पर बीजेपी नेता नवनीत राणा की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा, “भारत में किसी भी बांग्लादेशी क्रिकेटर को नहीं खेलना चाहिए। न ही उन्हें हमारे किसी क्रिकेट मैच या लीग में हिस्सा लेने देना चाहिए। बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है, इसलिए भारत में किसी भी बांग्लादेशी क्रिकेटर या फिल्मी हस्ती का स्वागत नहीं किया जाना चाहिए।”

IPL में बांग्लादेशी खिलाड़ी को लेकर बढ़ा विवाद
इसी बीच इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) में बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिज़ुर रहमान को शामिल किए जाने को लेकर भी विरोध शुरू हो गया। कई राजनीतिक दलों और धर्माचार्यों ने इस फैसले पर आपत्ति जताई और मांग की कि मौजूदा हालात में किसी भी बांग्लादेशी खिलाड़ी को भारतीय लीग में खेलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

BCCI का बड़ा फैसला, KKR को दिए निर्देश
लगातार बढ़ते विरोध को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बड़ा कदम उठाया। BCCI ने KKR फ्रेंचाइजी को निर्देश दिया कि वह बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिज़ुर रहमान को अपनी टीम से रिलीज़ करे।

BCCI सचिव देवजीत सैकिया का आया बयान
BCCI के सचिव देवजीत सैकिया ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा, “हाल में चल रहे घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए BCCI ने KKR को निर्देश दिया है कि वह अपने बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिज़ुर रहमान को टीम से रिलीज़ करे। यदि फ्रेंचाइजी किसी रिप्लेसमेंट खिलाड़ी की मांग करती है, तो BCCI उसे इसकी अनुमति देगा।”

राजनीतिक और धार्मिक संगठनों ने किया समर्थन
मुस्तफिज़ुर रहमान को IPL में शामिल किए जाने के खिलाफ कई राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों ने पहले ही विरोध दर्ज कराया था। उनका कहना था कि जब तक बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक ऐसे फैसले नहीं लिए जाने चाहिए।

विरोध के बीच BCCI का सख्त रुख
फिलहाल BCCI के इस फैसले को देश में चल रहे विरोध और जनभावनाओं के अनुरूप माना जा रहा है। यह मामला खेल और राजनीति के बीच एक बार फिर बहस का विषय बन गया है।

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