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अगले लोकसभा चुनाव में BJP काट सकती है 65 से ज्यादा वर्तमान सांसदों का टिकट

नई दिल्ली : अगले साल होने वाले लोक सभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। विपक्षी एकता और एकजुटता की संभावनाओं के बीच भाजपा देशभर में अपने वर्तमान सांसदों का रिपोर्ट कार्ड तैयार कर फिर से चुनाव जीत सकने वाले सांसदों की लिस्ट को अंतिम रूप देने में जुटी है।

दरअसल, 2019 के पिछले लोक सभा चुनाव में भाजपा को 303 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। वर्तमान में लोक सभा में भाजपा के पास 301 सांसद हैं लेकिन सूत्रों की मानें तो इनमें से 65 से ज्यादा सांसदों की रिपोर्ट कार्ड बहुत अच्छी नहीं है। ऐसे में एंटी-इनकंबेंसी से बचने के लिए भाजपा इन सीटों पर अपने उम्मीदवार बदलने यानी वर्तमान सांसदों का टिकट काटने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इनमें से कुछ सांसदों का संसदीय क्षेत्र भी बदला जा सकता है।

आपको याद दिला दें कि मोदी सरकार के 9 साल पूरे होने पर भाजपा ने इसी वर्ष 30 मई से 30 जून तक देशभर में एक विशेष जनसंपर्क अभियान चलाया था, जिसमें पार्टी के सभी सांसदों को जुट जाने को कहा गया था। पार्टी के कई सांसदों ने इस कार्यक्रम में पूरे मन से भाग नहीं लिया, जिसकी वजह से भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को वर्चुअली बैठक कर उन सांसदों को फटकार भी लगानी पड़ी थी। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भाजपा संसदीय दल की बैठक में कई बार सांसदों को फटकार लगाते हुए यह कह चुके हैं कि या तो वो अपना रवैया बदलें या फिर बदले जाने के लिए तैयार रहें।

पिछले कुछ महीनों के दौरान देश भर में पार्टी संगठन द्वारा टिफिन बैठक सहित, कई अन्य महत्वपूर्ण अभियान चलाए गए, उसमें भी कई सांसद पार्टी की उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं जुटा पाए थे। उत्तर प्रदेश की बात करें तो, संघ नेताओं से बहुत करीबी रिश्ते रखने वाले पार्टी के एक पूर्व केंद्रीय मंत्री अगर अपना प्रदर्शन नहीं सुधार पाते हैं तो इस बार पार्टी उनका टिकट भी काट सकती है। एक जमाने में काफी चर्चति रह चुके और वर्तमान में केंद्र सरकार में मंत्री एक हाई प्रोफाइल सांसद से उनके संसदीय क्षेत्र के तमाम विधायक, मेयर और संगठन के बड़े नेता नाराज चल रहे हैं। देश के हाई प्रोफाइल परिवार से जुड़े एक भाजपा सांसद को यह फीडबैक दे दिया गया है कि इस बार उन्हें टिकट तभी दिया जाएगा जब वह पार्टी के प्रति अपना रवैया बदलते हुए स्वयं टिकट मांगें।

2019 के लोक सभा चुनाव में विपक्ष के हाई प्रोफाइल नेताओं को हराने वाले कई सांसदों को भी इस बार अपने-अपने संसदीय क्षेत्र में जाकर लोगों से संपर्क करने और स्थानीय संगठन के नेताओं से बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा गया है। संदेश बिल्कुल साफ है कि अगर उनकी रिपोर्ट कार्ड में सुधार नहीं हुआ तो पार्टी उनका टिकट काटने में भी संकोच नहीं करेगी।

उत्तर प्रदेश से जिन सांसदों पर टिकट कटने की तलवार लटक रही है, उसमें कई ऐसे सांसद भी हैं जो वर्तमान में केंद्र सरकार में मंत्री हैं। सूत्रों की मानें तो भाजपा ने चुनाव जीत सकने वाले कई ऐसे नेताओं की भी अलग से एक लिस्ट बनाई है जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश में विधायक हैं और उनमें से कई योगी सरकार में मंत्री हैं या योगी सरकार में पहले मंत्री रह चुके हैं। यूपी की कई सीटों पर पार्टी अपने वर्तमान सांसदों का टिकट काटकर इन्हें चुनावी मैदान में उतार सकती है।

बिहार की बात करें तो पार्टी अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले एक वर्तमान केंद्रीय मंत्री का टिकट भी 2024 के लोक सभा चुनाव में काट सकती है। हालांकि वह अपना संसदीय क्षेत्र बदलने की गुहार आलाकमान से लगा रहे हैं। बिहार से टिकट कटने वाले सांसदों की लिस्ट में तीन पूर्व केंद्रीय मंत्री भी शामिल हैं। बिहार में लोक सभा की 40 में से सभी 40 सीट जीतने के मिशन में जुटी भाजपा इस बार एक दूसरे प्रदेश से वर्तमान में सांसद और पार्टी के चर्चति चेहरे को बिहार से लोक सभा चुनाव लड़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है।

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