Himachal रामपुर बुशह : रामपुर उपमंडल की ग्राम पंचायत डांसा में इन दिनों काले भालू के हमलों ने ग्रामीणों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। हाल ही में काले भालू द्वारा दो व्यक्तियों पर हमला किए जाने की घटना सामने आई है। हमले में घायल दोनों व्यक्तियों को इंटरिम रिलीफ के तहत विभाग द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। घटना के बाद वन विभाग व प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की गई है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल, बगीचों या सुनसान क्षेत्रों में अकेले न जाएँ। खेतों व जंगलों के कार्य पर जाते समय ग्रामीण हमेशा समूह में रहें और अपने साथ लाठी-डंडा रखें।
साथ ही, भालू की आहट मिलने पर पटाखों का प्रयोग करने और तुरंत विभाग को सूचना देने की हिदायत दी गई है। ग्रामीणों को रात्रि समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि लोग अनावश्यक बाहर न निकलें और यदि बाहर जाना जरूरी हो तो टॉर्च या रोशनी का प्रयोग करें। बच्चों और बुजुर्गों को अकेले बाहर न भेजने की सलाह दी गई है। साथ ही, पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने और उन्हें खुले में न छोड़ने की हिदायत दी गई है। वन विभाग ने यह भी कहा है कि घर और खेतों के आसपास झाड़ियाँ साफ रखी जाएँ तथा कूड़ा-कचरा न फैलाया जाए, ताकि भालू भोजन की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर न आए। विभाग ने शीघ्र ही भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की भी जानकारी दी है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि ग्रामीणों को भालू दिखाई दे तो उसे किसी भी हालत में उकसाएँ नहीं, बल्कि तुरंत सुरक्षित दूरी बनाकर विभाग को सूचित करें।
सूचना देने के लिए ग्रामीणों को दो हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं – 9459800007 और 8367200001। डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर रामपुर गुरु हर्ष सिंह ने बताया कि जन सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस स्थिति से निजात पाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जागरूकता और सतर्कता ही ऐसे समय में सबसे बड़ा बचाव है। ग्राम पंचायत डांसा में भालू के बढ़ते खतरे को देखते हुए ग्रामीणों में चिंता का माहौल है, लेकिन विभाग द्वारा उठाए गए त्वरित कदमों से उम्मीद की जा रही है कि स्थिति पर जल्द काबू पाया जाएगा। डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (ऊऋड) रामपुर ने बताया कि जन सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस स्थिति से निजात पाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जागरूकता और सतर्कता ही ऐसे समय में सबसे बड़ा बचाव है।

