Last Updated: September 21, 2026

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बॉम्बे HC का बड़ा फैसला: यौन उत्पीड़न मामले में तरुण तेजपाल दोषी करार, बरी करने का फैसला रद्द

August 6, 2026

बॉम्बे HC का बड़ा फैसला: यौन उत्पीड़न मामले में तरुण तेजपाल दोषी करार, बरी करने का फैसला रद्द

नेशनल डेस्क: वर्ष 2013 के चर्चित यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व तहलका संपादक तरुण तेजपाल को बड़ा कानूनी झटका लगा है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा उन्हें बरी किए जाने के फैसले को रद्द कर दिया है। अदालत ने उन्हें दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न से जुड़े आरोपों में दोषी माना है।

यह मामला साल 2013 का है, जब तहलका की एक महिला पत्रकार, जो उस समय तरुण तेजपाल की जूनियर सहयोगी थीं, ने उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। महिला का कहना था कि गोवा में आयोजित थिंकफेस्ट कार्यक्रम के दौरान होटल की लिफ्ट में दो अलग-अलग मौकों पर उनके साथ यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म किया गया।

हाईकोर्ट ने किन धाराओं में दोषी माना?

न्यायमूर्ति नीला गोखले और न्यायमूर्ति अमित जामसंडेकर की पीठ ने तरुण तेजपाल को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की निम्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया है, धारा 376(2)(एफ) – विश्वास या अधिकार की स्थिति का दुरुपयोग कर दुष्कर्म। धारा 354(ए) – यौन उत्पीड़न।धारा 354(बी) – महिला के कपड़े उतारने की नीयत से हमला या बल प्रयोग। हाईकोर्ट ने कहा कि निचली अदालत का बरी करने का फैसला सही नहीं था, इसलिए उसे रद्द किया जाता है।

सजा पर क्या कहा बचाव पक्ष ने?

दोषी ठहराए जाने के बाद सजा तय करने से पहले तरुण तेजपाल के वकील ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की। उन्होंने दलील दी कि तेजपाल राजनीतिक कारणों से निशाना बनाए गए हैं और वह दो बेटियों के पिता हैं। वकील ने अदालत से इन बातों को ध्यान में रखते हुए कम सजा देने का अनुरोध किया।

सजा पर फैसला कब आएगा?

गोवा के एडवोकेट जनरल देविदास पंगम ने बताया कि अदालत ने सजा के मुद्दे पर दोनों पक्षों की दलीलें सुन ली हैं। अब सजा की अवधि पर अंतिम आदेश आज दोपहर 2:30 बजे सुनाया जाएगा।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला नवंबर 2013 का है। आरोपों के अनुसार, गोवा में आयोजित थिंकफेस्ट कार्यक्रम के दौरान होटल की लिफ्ट में महिला पत्रकार के साथ दो बार यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म किया गया। शिकायत सामने आने के बाद मामला काफी चर्चा में रहा और 30 नवंबर 2013 को तरुण तेजपाल को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद मामले की लंबी कानूनी सुनवाई चली। अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए उन्हें दोषी करार दिया है। फिलहाल सभी की नजरें अदालत के अंतिम सजा संबंधी आदेश पर टिकी हैं।

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