Last Updated: November 3, 2026

Dainik Savera Times Logo

BRICS Summit 2026: दिल्ली में आज से BRICS शिखर सम्मेलन, एक मंच पर दिखेंगे मोदी, पुतिन और जिनपिंग

September 12, 2026

BRICS Summit 2026: दिल्ली में आज से BRICS शिखर सम्मेलन, एक मंच पर दिखेंगे मोदी, पुतिन और जिनपिंग

BRICS Summit 2026: दिल्ली में आज से 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो रही है। इस सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। भारत की राजधानी में होने वाली इस बैठक में दुनिया के कई बड़े नेता एक साथ नजर आएंगे। सम्मेलन के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक साथ दिखाई देंगे। ऐसे में इस बैठक को दुनिया में बदलती वैश्विक राजनीति और एक नए वर्ल्ड ऑर्डर की दिशा में अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

भारत मंडपम में होगी अहम बैठक
18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन दिल्ली के भारत मंडपम में किया जा रहा है। यहां BRICS देशों के नेता कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। आज नेताओं के बीच क्लोज्ड डोर सेशन भी होगा। इसमें वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था, व्यापार, सुरक्षा और आपसी सहयोग जैसे मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है। शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में खास डिनर का भी आयोजन किया जाएगा। इस दौरान BRICS देशों के नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत का मौका भी मिलेगा।

मोदी और जिनपिंग की मुलाकात पर सबसे ज्यादा नजर
आज होने वाली सबसे अहम मुलाकातों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक शामिल है। दोनों नेताओं की मुलाकात ऐसे समय हो रही है, जब भारत और चीन अपने रिश्तों में सुधार की कोशिश कर रहे हैं। शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत दौरे पर आ रहे हैं, इसलिए उनका यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मोदी और जिनपिंग के बीच बातचीत का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच तनाव को कम करना और आपसी भरोसा बढ़ाना हो सकता है।

भारत-चीन रिश्तों की नई दिशा पर होगी चर्चा
भारत और चीन के बीच पिछले कुछ वर्षों में कई मुद्दों को लेकर तनाव रहा है। ऐसे में दोनों नेताओं की बैठक को रिश्तों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक में दोनों देश आगे किस तरह से अपने रिश्ते मजबूत कर सकते हैं, इस पर चर्चा हो सकती है। दोनों नेता बातचीत को लगातार जारी रखने और मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने पर भी जोर दे सकते हैं।

इसके अलावा दोनों देशों के बीच व्यापार से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में आ सकते हैं। खासतौर पर भारत के बड़े ट्रेड डेफिसिट को कम करने और दोनों देशों के बीच व्यापार को ज्यादा संतुलित बनाने के उपायों पर बातचीत की संभावना है।

 

चीन के राजदूत ने दी द्विपक्षीय बैठक की जानकारी
भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि चीन और भारत राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कजान और तियानजिन में हुई पिछली मुलाकातों के बाद यह लगातार तीसरा साल होगा, जब दोनों नेता एक-दूसरे से मुलाकात करेंगे।

चीन के राजदूत के मुताबिक, दोनों देश अपने नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन को आगे बढ़ाने, बातचीत बढ़ाने और सहयोग मजबूत करने के लिए काम करेंगे। साथ ही दोनों देशों के बीच मौजूद मतभेदों को सही तरीके से सुलझाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

एक मंच पर होंगे मोदी, पुतिन और जिनपिंग
BRICS शिखर सम्मेलन की सबसे बड़ी तस्वीरों में से एक आज देखने को मिल सकती है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक ही मंच पर होंगे। दुनिया की तीन बड़ी शक्तियों के नेताओं की यह मौजूदगी अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

BRICS लगातार वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीति में अपनी भूमिका बढ़ा रहा है। ऐसे में इस सम्मेलन में इन बड़े नेताओं की मौजूदगी से यह संदेश जा सकता है कि दुनिया की राजनीति में शक्ति का संतुलन तेजी से बदल रहा है।

पुतिन ने कहा- दुनिया में हो रहा है बड़ा बदलाव
BRICS बिजनेस फोरम में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दुनिया में हो रहे बदलावों को लेकर महत्वपूर्ण बात कही। रूस के विदेश मंत्रालय की ओर से X पर साझा किए गए बयान के मुताबिक, पुतिन ने कहा कि दुनिया गहरे संरचनात्मक बदलावों के दौर में प्रवेश कर चुकी है। उनके अनुसार, वैश्विक आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने वाले पुराने केंद्रों की जगह अब नए कारक और नई ताकतें ले रही हैं। इसका मतलब है कि दुनिया की अर्थव्यवस्था और वैश्विक शक्ति व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

 

BRICS में भारत की भूमिका पर भी नजर
BRICS सम्मेलन भारत के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। भारत इस मंच के जरिए वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार और विकास से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात मजबूती से रख सकता है। एक दिन पहले BRICS बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारत की भूमिका पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि भारत आज पूरी दुनिया को ग्लोबल भरोसा दे रहा है। अब शिखर सम्मेलन के दौरान भारत की प्राथमिकताओं और BRICS के भविष्य को लेकर होने वाली चर्चाओं पर दुनिया की नजर रहेगी।

बेलारूस के विदेश मंत्री भी पहुंचे दिल्ली
BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रिज़ेंकोव भी दिल्ली पहुंच चुके हैं। उनका भारत पहुंचना इस बात को दिखाता है कि BRICS मंच के साथ कई देश अपने संबंधों को मजबूत करने में रुचि रखते हैं।

 

क्यों खास है इस बार का BRICS सम्मेलन
इस बार का BRICS सम्मेलन इसलिए भी खास है क्योंकि एक ही मंच पर भारत, रूस और चीन के शीर्ष नेता मौजूद होंगे। एक तरफ भारत और चीन के बीच रिश्तों को बेहतर बनाने की कोशिश हो रही है, वहीं दूसरी तरफ BRICS के जरिए विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक व्यवस्था में अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे में दिल्ली में होने वाला यह सम्मेलन सिर्फ एक कूटनीतिक बैठक नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।

 

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें