Bulldozer action on illegal plotting : नोएडा प्राधिकरण ने शुक्रवार को यमुना के डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 40 हजार वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। इस जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही थी और उसे लोगों को बेचा जा रहा था।
प्राधिकरण के अनुसार इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 6 करोड़ रुपये है। कार्रवाई के दौरान पांच पक्के निर्माण ध्वस्त किए गए और अवैध रूप से बनाई गई दीवारों को हटाया गया, जिनका इस्तेमाल प्लाटिंग के लिए किया जा रहा था। यह जमीन नोएडा प्राधिकरण की अधिसूचित जमीन है, जिस पर किसी भी तरह की खरीद, बिक्री या निर्माण पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
इस अभियान में सर्किल-10 की टीम, भूलेख विभाग और पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। मौके पर 70 कर्मचारी, 5 जेसीबी मशीन और 2 डंपर तैनात रहे और बुलडोजर से कार्रवाई की गई। प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे भूमाफियाओं के झांसे में न आएं और किसी भी तरह की अवैध संपत्ति खरीदने से बचें।
नोएडा प्राधिकरण ने बताया कि अब तक शहर में करीब 150 इमारतों को ‘अवैध निर्माण’ घोषित किया जा चुका है। इनमें कई रिहायशी और व्यावसायिक इमारतें शामिल हैं, जिन्हें जल्द ही ध्वस्त कर दिया जाएगा। प्राधिकरण ने दोहराया कि नोएडा में किसी भी कीमत पर अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नोएडा के कई सेक्टर जैसे 94, 124, 125, 127, 128, 131, 133, 134, 135 और 168 यमुना नदी के बाढ़ क्षेत्र में आते हैं, जबकि हिंडन नदी छिजारसी, सेक्टर 63ए, बहलोलपुर, शाहदरा, सुथियाना, गढ़ी चौखंडी, सेक्टर 123, 118, 115, 143, 143ए, 148, 150 और मोमनाथल के पास बहती है।
इन नदियों से सटी जमीन डूब क्षेत्र मानी जाती है, जहां किसी भी तरह का निर्माण और व्यापार कानूनी तौर पर प्रतिबंधित है। पिछले डेढ़ साल में प्राधिकरण द्वारा 150 से अधिक अवैध फार्महाउस ध्वस्त किए जा चुके हैं। हालांकि, कई मामलों में मालिकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और कार्रवाई को चुनौती दी थी, जिसके चलते अभियान कुछ समय के लिए रोक दिया गया था।
बाद में कोर्ट से राहत न मिलने पर प्राधिकरण ने फिर अभियान तेज कर दिया। अब एक बार फिर फार्महाउसों के खिलाफ बड़ा ध्वस्तीकरण अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है। नोएडा प्राधिकरण का यह अभियान शहर में नियमित और वैध विकास सुनिश्चित करने के लिए चल रहा है और अवैध निर्माणों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।

