नयी दिल्ली: भारत ने कनाडा के एडमॉन्टन में मंदिर में तोड़फोड़ की रिपोर्ट पर चिंता जताते हुए कनाडा सरकार से दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज यहां नियमित ब्रीफिंग में इस मुद्दे पर सवालों के जवाब में कहा, “हमने इस मामले को दिल्ली और ओटावा दोनों में कनाडा के अधिकारियों के साथ दृढ़ता से उठाया है। हम तोड़फोड़ की निंदा करते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि स्थानीय अधिकारी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी और त्वरित कार्रवाई करेंगे। मंदिरों के विरुद्ध ये हमले बार-बार होने वाली घटना बन गए हैं और एक ऐसे उद्देश्य से किए जाते हैं जिसे समझना मुश्किल नहीं है।”
जायसवाल ने कहा कि हमने कनाडा में हाल के दिनों में ऐसी कई घटनाएं देखी हैं। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की कमी ने ऐसे आपराधिक तत्वों को और अधिक प्रोत्साहित किया है। उग्रवाद और हिंसा की वकालत करने वालों और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाने की जरूरत है अन्यथा कनाडा में कानून का शासन और बहुलवाद के प्रति सम्मान को गंभीर रूप से कमजोर किया जाता रहेगा। हमें उम्मीद है कि कनाडा सरकार कार्रवाई करेगी।
कनाडा सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और अन्य नेताओं को जान से मारने की धमकी देने के लिए दो व्यक्तियों को आरोपित किये जाने की रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा कि हमने ये रिपोर्ट देखी हैं। जब कोई लोकतंत्र कानून के शासन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को मापने या लागू करने के लिए अलग-अलग पैमाने अपनाता है, तो यह केवल उसके अपने दोहरे मानदंड को उजागर करता है।
उन्होंने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि कनाडा उन भारत विरोधी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करेगा जिन्होंने बार-बार हिंसा के जरिए भारतीय नेताओं, संस्थानों, एयरलाइंस और राजनयिकों को धमकी दी है। हम हमारे ख़िलाफ़ धमकियों पर कड़ी कार्रवाई, समान स्तर की कार्रवाई देखना चाहेंगे।”
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