नेशनल डेस्क: देश में होने जा रही 2027 जनगणना को लेकर आज बड़ी जानकारी सामने आ सकती है। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृ्त्युंजय कुमार नारायण प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए 2027 की जनगणना का पूरा रोडमैप पेश कर सकते हैं। इसमें बताया जाएगा कि देशभर में जनगणना कैसे और किन चरणों में की जाएगी।
पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना
इस बार की जनगणना में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। लोगों को एक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी खुद भरनी होगी। इससे गणनाकर्मियों पर निर्भरता कम होगी और डेटा जल्दी व ज्यादा सटीक तरीके से इकट्ठा किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
अधिकारियों के लिए सख्त नियम
जनगणना शुरू होने से पहले ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई अधिकारी लापरवाही करता है, डेटा का गलत इस्तेमाल करता है या लोगों से अनुचित सवाल पूछता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। Census Act 1948 के तहत ऐसे मामलों में जुर्माना और तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। 17 मार्च को राज्यों को भेजे गए पत्र में इन नियमों को स्पष्ट किया गया है।
लिव-इन कपल्स को लेकर बड़ा बदलाव
इस बार जनगणना में एक नया बदलाव यह भी है कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों को शादीशुदा माना जा सकता है, अगर वे अपने रिश्ते को स्थायी बताते हैं। यह जानकारी सेल्फ-एन्यूमरेशन वाले पोर्टल पर दिए गए एक सवाल के जवाब में सामने आई है।
हाउस लिस्टिंग चरण में 33 सवाल
जनगणना के पहले चरण यानी हाउस लिस्टिंग में लोगों से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इसमें घर, परिवार और उसमें रहने वाले लोगों से जुड़ी जानकारी ली जाएगी। इस चरण में विवाहित जोड़ों की संख्या से संबंधित सवाल भी शामिल होगा।
कब और कैसे होगी प्रक्रिया
हाउस लिस्टिंग का चरण करीब 45 दिनों तक चलेगा। इसे 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा किया जाएगा। हर राज्य के लिए समयसीमा अलग-अलग तय की जाएगी, ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके।
2027 की जनगणना में क्या है खास
पहली बार पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया
लोग खुद भर सकेंगे अपनी जानकारी
लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर नया दृष्टिकोण
अधिकारियों के लिए सख्त नियम