नेशनल डेस्क: राजधानी दिल्ली सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया। दिल्ली सरकार को 821.26 करोड़ रुपये की विशेष सहायता राशि प्रदान की है। इस वित्तीय सहायता से स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, जल आपूर्ति, आवास, ऊर्जा और मेट्रो रेल परियोजना (MRTS Phase-IV) समेत कुल 33 महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति मिलेगी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस निर्णय को ‘विकसित भारत’ के विजन को ‘विकसित दिल्ली’ में बदलने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल बताया। उन्होंने कहा कि सरकार इन परियोजनाओं को समय पर, पारदर्शी और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
दिल्ली के आधारभूत ढांचे को सशक्त बनाने हेतु केंद्र सरकार द्वारा ₹821.26 करोड़ की विशेष सहायता राशि स्वीकृत करने पर मैं माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी, गृह मंत्री श्री @AmitShah जी एवं वित्त मंत्री श्रीमती @nsitharaman जी का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं।
इस राशि से… pic.twitter.com/IbVIpsZwSy
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) July 30, 2025
अतिरिक्त पूंजीगत परियोजनाओं के लिए 716 करोड़ रुपये
केंद्र ने विशेष सहायतार्थ योजना (SASCI 2025-26) के तहत दिल्ली सरकार को 33 अन्य पूंजीगत परियोजनाओं के लिए भी 716 करोड़ रुपये की विशेष सहायता ऋण मंजूर की है। यह राशि PFMS पोर्टल के माध्यम से प्रस्तावित परियोजनाओं की स्वीकृति के बाद जारी की गई है।
इस वित्तीय सहयोग के चलते राजधानी में मेट्रो समेत यातायात सुधार, जल आपूर्ति, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और ट्रैफिक मैनेजमेंट से जुड़े कार्यों में तेजी आएगी। इससे दिल्लीवासियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और ट्रैफिक एवं प्रदूषण की समस्याओं में भी कमी आएगी।
MRTS फेज-IV को मिलेगी मजबूती
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 30 जुलाई 2025 को जारी पत्र में बताया कि मेट्रो परियोजना के चौथे फेज के लिए 105.263 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया गया है। इसमें 66 करोड़ रुपये MRTS फेज-4 के प्राथमिक कॉरिडोर के लिए और 39.263 करोड़ रुपये बाकी बची परियोजनाओं के लिए आवंटित किए गए हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि SASCI योजना की सभी शर्तों और दिशानिर्देशों का दिल्ली सरकार एवं सम्बद्ध एजेंसियों द्वारा कड़ाई से पालन किया जाना अनिवार्य है। इस पहल से राजधानी का बुनियादी ढांचा और जनसुविधाएं मजबूत होंगी, जो दिल्ली के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
इस सहायता के साथ दिल्ली अपनी तेजी से बढ़ती जनसंख्या और यातायात की चुनौतियों को बेहतर ढंग से संभाल सकेगी, और आम जनता को आधुनिक व सुरक्षित जीवनशैली की ओर एक कदम और आगे बढ़ाने में सफल होगी।

