Site icon Dainik Savera Times

‘चंडीगढ़ पूरे उत्तर भारत की विकास धुरी’, पीएम मोदी ने गिनाईं NDA सरकार की उपलब्धियां

चंडीगढ़: प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि चंडीगढ़ व्यवस्थित विकास और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए जाना जाता है। चंडीगढ़ की पहचान चिकित्सा की बेहतर सुविधाओं के लिए है और इन सबके साथ-साथ चंडीगढ़ की पहचान मां चंडी का आशीर्वाद भी है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ का विकास हमेशा से ही एनडीए सरकार की विशेषता रहा है।

उन्होंने कहा कि डेढ़ साल पहले देश ने न्याय व्यवस्था में बहुत बड़ा सुधार किया। हम दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता लाए, यानी दंड आधारित कानूनों की जगह न्याय आधारित कानून व्यवस्था। तब भारतीय न्याय संहिता लागू करने की शुरुआत चंडीगढ़ से ही हुई थी। पीएम मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, स्मार्ट पार्किंग और डिजिटल गवर्नेंस जैसे कितने ही प्रोजेक्ट्स पर चंडीगढ़ को हाईटैक बनाने के काम हुआ है। 2.5 हजार करोड़ से ज्यादा रुपये इस मिशन पर खर्च हुए हैं।

‘न्याय, स्वच्छता और स्मार्ट विकास का प्रतीक है चंडीगढ़’

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि हमारा चंडीगढ़, हरियाणा-पंजाब-हिमाचल के पूरे क्षेत्र को जोड़ता है। चंडीगढ़ के विकास से यहां के लोगों का जीवन तो बदलता ही है, साथ ही हरियाणा, हिमाचल, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के लोगों को भी इससे बहुत लाभ होता है। चिकित्सा सेवाओं के लिए तो चंडीगढ़ इस पूरे क्षेत्र में एक बड़ा हब है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “जब हम स्वास्थ्य की बात करते हैं, तो हम सब जानते हैं कि इसमें स्वच्छता की कितनी बड़ी भूमिका है। 2014 में जब हमारी सरकार बनी, तब हमने देश के लिए स्वच्छ भारत मिशन लॉन्च किया था। देश में करोड़ों शौचालय बनाए गए, देश को खुले में शौच से मुक्त कराया गया, सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता के लिए अभियान चलाए गए। सफाई हमारी जीवनशैली का हिस्सा बनें, इसके लिए अलग अलग पहल शुरू की गईं। हमारे शहरों की स्वच्छ भारत रैंकिंग इसी प्रयास का हिस्सा है, और चंडीगढ़ इसमें बेहतर प्रदर्शन का प्रयास भी करता रहता है।”

रिटायर्ड इंदरजीत सिंह सिद्धू की सराहना 

चंडीगढ़ के रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “उनकी पहचान ‘ब्रूम वॉरियर’ की बनी हुई है। उन्होंने चंडीगढ़ में स्वच्छता को लेकर एक नई अलख जगाई है, लोगों को प्रेरित किया है। इसके लिए हमारी सरकार ने उन्हें इस साल पद्म सम्मान से भी सम्मानित किया है। स्वच्छता, कोई एक दिन का काम नहीं है, स्वच्छता तो जीवन जीने का तरीका है।” उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ एक ऐसा शहर है, जहां शिक्षा, इंजीनियरिंग, चिकित्सा विज्ञान और शोध से जुड़े बड़े संस्थान एक साथ मौजूद हैं। बहुत कम शहरों के पास ऐसा सामर्थ्य होता है। आने वाले समय में यही संस्थान नई टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, स्टार्टअप और इनोवेशन के बड़े केंद्र बन सकते हैं।

Exit mobile version