
नई दिल्ली : ‘अग्निपथ’ योजना में बड़े बदलाव के तहत सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि 4 साल का कार्यकाल पूरा होने पर सेना से सेवामुक्त होने वाले ‘अग्निवीरों’ को 2 साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा। इसके बाद निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करने और व्यक्तिगत सहमति देने वाले अग्निवीरों को स्थायी भर्ती की पेशकश की जाएगी। प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने यह घोषणा केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा सैन्य भर्ती योजना में तीनों सेनाओं की सिफारिशों के अनुरूप बदलावों को मंजूरी दिए जाने के तुरंत बाद की।
जून 2022 में शुरू की गई ‘अग्निपथ’ योजना के तहत सैनिकों की भर्ती 4 साल के कार्यकाल के लिए की गई। इसमें कुल भर्ती किए गए अग्निवीरों में से केवल 25 प्रतिशत को नियमित सेवा में बनाए रखने का प्रावधान था। योजना में ये बदलाव करीब 18,000 अग्निवीरों के सशस्त्र बलों से सेवामुक्त होने के 3 सप्ताह से कुछ अधिक समय पहले किए गए हैं।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीडीएस ने कहा, मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, 25 प्रतिशत अग्निवीरों को योग्यता के आधार पर नियमित बलों में शामिल किया जाता है, जबकि शेष 75 प्रतिशत अनुशासित और प्रेरित युवाओं के रूप में सेवामुक्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा, ‘नए बदलावों के तहत इन 75 प्रतिशत अग्निवीरों को 2 साल की अतिरिक्त सेवा अवधि की पेशकश की जाएगी। इस विस्तारित अवधि के पूरा होने के बाद चयन मानदंडों को पूरा करने वाले और सेवा जारी रखने के इच्छुक अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा।’
सीडीएस ने कहा कि सरकार के इस फैसले से लगभग सभी अग्निवीरों के सशस्त्र बलों में शामिल होने का मार्ग प्रशस्त होगा। जनरल सुब्रमणि ने यह भी स्पष्ट किया कि अग्निपथ योजना जारी रहेगी और 4 साल का कार्यकाल पूरा होने पर नियमित सैनिकों के रूप में भर्ती किए जाने वाले 25 प्रतिशत अग्निवीरों की वरिष्ठता, 2 साल की अतिरिक्त सेवा अवधि पूरी करने के बाद नियमित बलों में शामिल होने वाले अग्निवीरों से अधिक होगी।
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