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छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों और माओवादी के बीच मुठभेड़, 5 लाख रुपये का इनामी नक्सली ढेर

Sukma encounter

Sukma encounter

नेशनल डेस्क। छत्तीसगढ़ में सुकमा जिले के पोलमपल्ली पुलिस थाना इलाके में रविवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में एक माओवादी मारा गया। माओवादियों की मौजूदगी के बारे में खास इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर सुकमा की डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) टीम ने यह ऑपरेशन शुरू किया था। सुकमा के एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि डीआरजी टीम ने घने जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कॉम्बिंग के दौरान रविवार सुबह से सुरक्षाकर्मियों और माओवादी ग्रुप के बीच रुक-रुक कर फायरिंग होती रही।

उन्होंने बताया कि फायरिंग रुकने के बा, सर्च टीम ने एनकाउंटर वाली जगह की अच्छी तरह से तलाशी ली। इस दौरान एक पुरुष माओवादी का शव और हथियार बरामद किया गया। मारे गए माओवादी की पहचान पीपीसीएम मूचाकी कैलाश के रूप में हुई है, जो सुकमा जिले के चिंतलनार पुलिस स्टेशन के पूलनपाड़ का रहने वाला था। वह सीपीआई (माओवादी) संगठन के प्लाटून नंबर 31 में सेक्शन कमांडर के पद पर था। मूचाकी कैलाश के पर पांच लाखका इनाम घोषित किया गया था। वह आम लोगों की हत्या, सुरक्षा बलों पर हमलों और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) धमाकों से जुड़ी साजिशों से जुड़े कई मामलों में वॉन्टेड था।

बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बाकी माओवादी कैडरों से तुरंत सरेंडर करने की अपील की। ​​उन्होंने कहा कि सरेंडर और रिहैबिलिटेशन का मौका अब आखिरी दौर में है और कैडरों के पास इस सुविधा का फायदा उठाने के लिए बहुत कम समय बचा है। सीनियर पुलिस अधिकारी ने माओवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़ने, समाज की मुख्यधारा में लौटने और अपने और अपने परिवारों के लिए शांतिपूर्ण, सुरक्षित और इज्जतदार जिंदगी शुरू करने की अपील की। ​​उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा बल उन लोगों के खिलाफ लगातार ऑपरेशन जारी रखेंगे जो जंगल में रहना और हिंसा में शामिल होना चुनते हैं।

यह एनकाउंटर ऐसे समय में हुआ है, जब राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों ने केंद्र सरकार द्वारा इस इलाके से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए तय मार्च 2026 की डेडलाइन से पहले बस्तर डिवीजन में एंटी-एलडब्ल्यूई ऑपरेशन तेज कर दिए हैं। हाल के महीनों में, कई माओवादी हथियार डालकर समाज की मुख्य धारा में शामिल हुए हैं, जबकि कई दूसरे सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए।

पुलिस अधिकारियों ने कन्फर्म किया है कि इस एनकाउंटर में सुरक्षा बल की तरफ से किसी के कैजुअल्टी या चोटिल होने की खबर नहीं है। इस सफल एक्शन को छत्तीसगढ़ के अशांत सुकमा इलाके में पूरी तरह से शांति और नॉर्मल हालात बहाल करने के चल रहे कैंपेन में एक और कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

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