नई दिल्ली: दिल्ली में वायु प्रदूषण की बढ़ती गंभीरता को देखते हुए आयोग द्वारा ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान का तीसरा चरण ग्रैप-ककक लागू कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पूरी गंभीरता और तत्परता के साथ कार्य कर रही है। प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक है, लेकिन सरकार इससे निपटने के लिए हर संभव उपाय कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कल से स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में संचालित की जाएगी, जिससे अभिभावक अपने बच्चों को घर या स्कूल से पढ़ाई के विकल्प में से चुन सकें। सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई विभागों को समन्वित रूप से काम करने के निर्देश दिए हैं।
शहर के सभी हॉटस्पॉट इलाकों में डस्ट मिटिगेशन, वाटर स्प्रिंकलिंग, सड़क सफाई, और कूड़ा प्रबंधन पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। नगर निगम, पर्यावरण विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीमें नियमित रूप से फील्ड निरीक्षण कर रही हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के मानक सख्ती से लागू हों, और खुले में निर्माण सामग्री रखने या जलाने जैसी गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, हम दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं। सरकार हर स्तर पर ठोस और निरंतर कार्रवाई कर रही है, और नागरिकों से भी अपील है कि वे प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों में भागीदारी निभाएं। सरकार का लक्ष्य आने वाले हफ्तों में प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित कर नागरिकों को राहत प्रदान करना है।

