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जंगल में फंसे थे सौ से ज्यादा स्कूली बच्चे, प्रशासन की तत्परता से बची जान

Children Trapped in Forest : यूपी के बहराइच के कतर्नियाघाट जंगल क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गोंडा जिले से सौ से ज्यादा स्कूली बच्चे और उनके स्टाफ घने जंगलों में फंस गए। हालांकि, प्रशासन की तत्परता और त्वरित कार्रवाई के कारण सभी बच्चों की जान बच गई।

बड़ा और खतरनाक है जंगल-
जानकारी के अनुसार, न्यू स्टैंडर्ड प्रशिक्षण संस्थान के कक्षा 1 से 8 तक के सौ से ज्यादा स्कूली बच्चों को लेकर स्कूल स्टाफ बहराइच के कतर्नियाघाट के जंगलों में एक टूर पर गया था। बच्चों को भ्रमण करवाने के बाद नेपाल जाने की योजना था। लेकिन, देर शाम होने के कारण नेपाल के अधिकारियों की ओर से स्कूली वाहनों को प्रवेश की अनुमति नहीं मिलने के बाद स्कूल के स्टाफ ने तीनों बस में सवार बच्चों को लेकर वापस जंगल में लौटने का फैसला लिया और बिछिया स्टेशन के पास सुनसान जंगल के बीच रुक गए। कतर्नियाघाट का जंगल बहुत बड़ा और खतरनाक है। यहां रात के समय वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित होती है। यही कारण था कि स्कूली बच्चे और स्टाफ जंगल में फंस गए और उन्हें वहां रात बितानी पड़ी।

स्कूल स्टाफ को लगाई फटकार-
जंगल में बच्चों के फंसे होने के बाद घटना की जानकारी मिलने के बाद बहराइच के जिलाधिकारी मोनिका रानी ने मोतीपुर एसडीएम संजय कुमार को तत्काल मौके पर भेजा। एसडीएम संजय कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्कूल स्टाफ को फटकार लगाई और तत्काल जंगल से बच्चों को बाहर निकालने की व्यवस्था की। इसके बाद उन्होंने रात भर कड़ी मशक्कत करने के बाद बच्चों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। बच्चों के सुरक्षित बाहर आने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।

सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे अधिकारी-
एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि मुझे सूचना मिली कि गोंडा जिले से आई तीन बसों में करीब सौ से ज्यादा स्कूली बच्चे फंसे हुए हैं। इन बच्चों और स्टाफ से संपर्क किया गया और प्रबंधक से भी बात की गई। इसके बाद हम लोग मौके पर पहुंचकर बच्चों को सकुशल सुरक्षित स्थान पर भेजा।

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