Last Updated: October 7, 2026

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मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा श्री नानकसर साहिब में समागम के समापन समारोह को किया संबोधित

March 27, 2026

मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा श्री नानकसर साहिब में समागम के समापन समारोह को किया संबोधित

चंडीगढ़ : असली दौलत गुरु के चरणों में और नाम की कमाई में है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में शांति गुरु के सानिध्य में ही मिलती है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पंजाब लुधियाना के गुरुद्वारा श्री नानकसर साहिब में आयोजित समागम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर बाबा घाला सिंह अनेक संत-महापुरुषगण और देश-विदेश से पधारी साध संगत उपस्थित थी। मुख्यमंत्री ने समागम में उपस्थित संगत को दुर्गाष्टमी और रामनवमी की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री नानकसर साहिब वही पावन स्थान है, जिसकी नींव बाबा नंद सिंह जी महाराज ने अपने कठोर तप से रखी थी।

उन्होंने भक्ति की उस जोत को जलाया, जिसकी लौ आज करोड़ों दिलों को रोशन कर रही है। उनके पदचिह्नें पर चलते हुए बाबा ईशर सिंह जी महाराज ने यहां सात वर्षों तक एकांतवास में सिमरन किया। यह उन्हीं महापुरुषों की कमाई का फल है कि आज यहां कदम रखते ही मन को असीम शांति मिलती है।

मुख्यमंत्री ने बाबा ईशर सिंह जी के प्रकाश उत्सव पर दी बधाई

मुख्यमंत्री ने बाबा ईशर सिंह जी के प्रकाश उत्सव की भी बधाई दी। सबको मिल-जुलकर नफरत को मिटाने और प्रेम, सेवा व सिमरन के मार्ग पर चलने की गुरु चरणों में अरदास की। उन्होंने बाबा नारायण सिंह जी के चरणों में भी अपनी श्रद्धा अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन हमें सिखाता है कि सेवा और आदेश का पालन क्या होता है। बाबा ईशर सिंह जी के एक वचन पर उन्होंने सात वर्षों तक 24 किलोमीटर दूर से जल की सेवा की। बिना थके, बिना रुके, केवल गुरु की प्रसन्नता के लिए।

उन्होंने साध संगत को बताया कि इस विशाल स्थान का कोई लिखित नक्शा नहीं था। यह तो बाबा नारायण सिंह जी के मुख से निकले दिव्य आदेश और कारीगरों की श्रद्धा थी। जिससे यह भव्य गुरुघर तैयार हुआ। यह सिद्ध करता है कि जब नीयत साफ हो और गुरु पर पूर्ण विश्वास हो तो कुदरत खुद-ब-खुद रास्ता बनाती है। उन्होंने भव्य श्री नानकसर साहिब बनवाकर अपने गुरु के प्रति जो समर्पण दिखाया, वह इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।

सरकार गुरु साहिबानों के सिद्धांतों एवं शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने का निरंतर कर रही काम

मुख्यमंत्री सैनी ने गुरुओं की याद में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि सिरसा स्थित चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में श्री गुरु तेग बहादुर जी पर शोध के लिए चेयर स्थापित की गई है। गत 11 नवंबर को गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज अंबाला का नाम श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर किया गया। टोहाना-जींद-धमतान साहिब रोड का नाम श्री गुरु तेग बहादुर मार्ग रखा गया। यमुनानगर में बनने वाले मेडिकल कॉलेज का नाम हिन्द की चादर श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के नाम पर रखा है। असंघ के कॉलेज का नाम सरबंसदानी श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादे बाबा फतेह सिंह जी के नाम पर रखा गया है। लखनौर साहिब में माता गुजर कौर के नाम से वीएलडीए कॉलेज स्थापित किया गया है।

गत 27 अक्तूबर को ही लौहगढ़ यमुनानगर में बाबा बंदा सिंह बहादुर स्मारक का शिलान्यास किया गया है। श्री हजूर साहिब गुरुद्वारा, श्री ननकाना साहिब, श्री हेमकुंड साहिब और श्री पटना साहिब जाने वाले प्रदेश के तीर्थ यात्रियों को वित्तीय सहायता देने के उद्देश्य से स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्र योजना शुरू की है। सरकार गुरु साहिबानों के सिद्धांतों एवं शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम निरंतर कर रही है। इस अवसर पर सरदार बाबा जोगा सिंह, भाजपा के जिला प्रधान डॉ. राजेंद्र शर्मा, बाबा हरविंदर सिंह नानकसर, बाबा अजरुन सिंह पटियाला वाले, बाबा मेहर सिंह नानकसर, बाबा गुरचरण सिंह दिल्ली वाले समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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