CM Mann warns Central Government: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को कड़ी चेतावनी दी कि डिपोर्ट किए गए भारतीयों को लेकर आने वाले विमानों को बार-बार इस पवित्र धरती पर उतार कर पवित्र नगरी अमृतसर को ‘नजरबंदी’ या ‘डिपोर्ट सैंटर’ में बदलने से बचा जाए। मुख्यमंत्री ने शनिवार देर रात उतरे भारतीयों के स्वागत के लिए प्रबंधों का जायजा लेने के लिए यहां श्री गुरु रामदास अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का दौरा किया।
मुख्यमंत्री ने भारत सरकार को याद दिलाया कि इतिहास ऐसी मिसालों से भरा पड़ा है कि जिसने भी इस धरती पर बदनीयती से नजर रखने की कोशिश की है, वह कभी भी बच नहीं सका। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार इस पावन धरती पर डिपोर्ट हुए भारतीयों को ला रहे विमानों को बार-बार उतार कर घटिया हथकंडे अपना रही है ताकि पंजाब और पंजाबियों को दुनिया भर में बदनाम किया जा सके।
मान ने कहा कि मोदी सरकार की इस हरकत ने पूरे पंजाब और खासकर सिख समुदाय के हृदयों को अंदर तक झकझोर दिया है। मुख्यमंत्री ने भाजपा और मोदी को याद दिलाया कि यह पवित्र धरती, जिसकी वे पंजाबियों की छवि को खराब करने के लिए उपयोग कर रहे हैं, इस पावन नगरी में मुकद्दस स्थल श्री हरिमंदिर साहिब, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल, दुग्र्याणा मंदिर स्थित हैं। इस धरती पर जलियांवाला बाग भी है, जहां सैंकड़ों निदरेष देशभक्तों ने वतन की आजादी के लिए अपनी जानें न्यौछावर कर दी थी।
मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ मुलाकात के दौरान इस मुद्दे पर बातचीत क्यों नहीं की। मान ने कहा कि खुद को विश्व गुरु कहलाने वाले नरेंद्र मोदी को कम से कम भारतीयों को वापस लाने के लिए अपने देश से विमान भेजने की पेशकश करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि अमरीकी सेना के विमान पर जंजीरों में बंधे भारतीयों को ‘देश निकाला’ देकर अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मोदी को ‘तोहफा’ दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अपने नागरिकों को सम्मान के साथ वापस लाने में असफल रही। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह बहुत हैरानी वाली बात है कि एक विदेशी युद्धक विमान को ऐसे हवाई अड्डे पर उतारा जा रहा है जो पड़ोसी दुश्मन देश से केवल 40 किलोमीटर दूर है।
मान ने कहा कि इस कदम से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता था, पर हैरानी की बात है कि केंद्र सरकार ने इसे बिल्कुल नजरअंदाज कर दिया। विदेश मंत्रलय द्वारा इन विमानों को उतारने के लिए अमृतसर का चयन करने के तर्क पर सवाल उठाते हुए, भगवंत सिंह मान ने कहा कि देश में सैकड़ों अन्य हवाई अड्डे हैं, पर यह सिर्फ पंजाब को बदनाम करने के लिए चुना गया है।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा उन अवैध ट्रैवल एजैंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है जिनकी वजह से यह भोले-भाले भारतीय अवैध रूप से अमरीका गए थे और अब उन्हें डिपोर्ट कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि शनिवार रात अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरने वाले डिपोर्ट हुए भारतीयों की बोर्डिग और आवास के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया गया है कि डिपोर्ट किए गए सभी व्यक्ति हवाई अड्डे पर उतरने के बाद सुरक्षित अपने घर पहुंच जाएं।
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