चंडीगढ़। प्रदेश में जल संकट के संंबंध में आज एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भाग लिया।
भाखड़ा बांध में बेहतर है जलस्तर
बैठक में बताया कि भाखड़ा बांध में जलस्तर बेहतर है। हरियाणा ने अभी अपने हिस्से का केवल 75-76 फीसदी पानी ही उपयोग किया है। आगामी गर्मी और भविष्य की जल जरूरतों को देखते हुए प्रदेशभर में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को प्राथमिकता पर मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को सभी जलघर, तालाब और जलाशयों को भरकर रखने, खराब ट्यूबवेल तुरंत दुरुस्त करने और जरूरत पड़ने पर टैंकरों से जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सीएम बोले- जल संकट से निपटने को रणनीति जरूरी
समीक्षा बैठक में सीएम ने कहा कि बढ़ती गर्मी और संभावित जल संकट से निपटने के लिए दीर्घकालिक रणनीति जरूरी है। इसी दिशा में किशाऊ सहित अंतरराज्यीय जल परियोजनाओं पर जल शक्ति मंत्रालय और संबंधित राज्यों के साथ जल्द बैठक होगी। प्रदेश के हजारों जलघरों में फिलहाल पर्याप्त पानी उपलब्ध है, लेकिन सरकार भविष्य में जल प्रबंधन को और मजबूत करने के लिए नहरों की सफाई, मरम्मत और पुनर्निर्माण तेज करेगी।
इन्हें भी देनी होगी प्राथमिकता
साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, फिरनी, स्ट्रीट लाइट और पौधारोपण कार्यों को भी प्राथमिकता देकर जल संरक्षण व पर्यावरण संतुलन की दिशा में व्यापक कदम उठाए जाएंगे।
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