नई दिल्लीः Pm Narendra Modi ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय हालात, खासकर वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव को लेकर चर्चा करना था। बैठक में वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान से जुड़े हालात पर चर्चा हुई। सरकार यह समझना चाहती है कि इन परिस्थितियों का भारत पर क्या असर पड़ सकता है। वहीं, इस इस वर्चुअल बैठक में पश्चिम बंगाल, असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री शामिल नहीं हो सके। इन 5 राज्यों में चुनाव की वजह से आचार संहिता लागू है, जिसके चलते वे इस चर्चा का हिस्सा नहीं बन पाए। इन राज्यों के लिए अलग से कैबिनेट सचिवालय द्वारा उनके मुख्य सचिवों के साथ बैठक की जाएगी।
खास तौर पर इन बातों पर ध्यान दिया गया
- एलपीजी गैस की सप्लाई
- कच्चे तेल (ऑयल) की उपलब्धता
- पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर संभावित असर
सरकार यह भी जांचेगी कि अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो भारत कितना तैयार है।
‘टीम इंडिया’ की भावना पर जोर
प्रधानमंत्री ने बैठक में इस बात पर जोर दिया कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें। उन्होंने “टीम इंडिया” की भावना को मजबूत बनाने की बात कही, ताकि किसी भी संकट का सामना एकजुट होकर किया जा सके।
आपात स्थिति के लिए तैयारी
बैठक में इस पर भी चर्चा हुई कि अगर अचानक हालात खराब हो जाते हैं, तो पहले से क्या बैकअप प्लान तैयार होने चाहिए। जरूरी चीजों की सप्लाई कैसे बनाए रखी जाए। देश में शांति और स्थिरता कैसे कायम रखी जाए। इसका मकसद यह है कि किसी भी अनिश्चित स्थिति में देश को कम से कम नुकसान हो।
इन राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक में नहीं हुए शामिल
जिन राज्यों में इस समय विधानसभा चुनाव चल रहे हैं, उनके मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हुए। ऐसा आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू होने की वजह से किया गया है।
- तमिलनाडु
- पश्चिम बंगाल
- असम
- केरल
- पुडुचेरी
चुनाव वाले राज्यों के लिए अलग व्यवस्था
इन राज्यों के लिए अलग से कैबिनेट सचिवालय द्वारा उनके मुख्य सचिवों के साथ बैठक की जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि जरूरी तैयारियां जारी रहें। कोई भी काम रुके नहीं। फैसले समय पर लिए जा सकें।
15 मार्च को चुनाव की घोषणा हुई थी
Election Commission of India ने 15 मार्च को इन राज्यों में चुनाव की घोषणा कर दी थी। मतगणना (काउंटिंग) 4 मई को होगी।
एकजुटता को मजबूत करने के लिए…
यह बैठक देश की तैयारी और एकजुटता को मजबूत करने के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। सरकार चाहती है कि अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच भारत में स्थिरता बनी रहे और हर स्थिति से निपटने के लिए पहले से पूरी तैयारी हो।

