CNG Price Hike 26 May : दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर सीएनजी उपभोक्ताओं को महंगाई का झटका लगा है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच मंगलवार को इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने सीएनजी के दाम में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी। आपको बता दें कि नई कीमतें लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली में सीएनजी अब 83.09 रुपये प्रति किलो बिक रही है। खास बात यह है कि बीते 11 दिनों में चौथी बार सीएनजी महंगी हुई है, जिससे आम लोगों और वाहन चालकों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
दरअसल पिछले कुछ दिनों से सीएनजी की कीमतों में लगातार इजाफा देखा जा रहा है। बीते 11 दिनों में यह चौथी बार है जब दाम बढ़ाए गए हैं। इस दौरान सीएनजी कुल 6 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है। इससे पहले 23 मई को भी कंपनी ने कीमतों में 1 रुपये की बढ़ोतरी की थी।
#WATCH दिल्ली में CNG की कीमतें 2 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़कर 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है, ये नई दरें आज, 26 मई से लागू हो गई हैं।
वीडियो RK पुरम इलाके के एक फ्यूल पंप से है। pic.twitter.com/6qrZb05sio
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 26, 2026
#WATCH मुंबई में CNG की कीमतें 2 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़े। ये नई दरें आज, 26 मई से लागू हो गई हैं। pic.twitter.com/CfZDVluDLs
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 26, 2026
एनसीआर के लाखों वाहन चालकों पर असर
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बड़ी संख्या में टैक्सी, ऑटो रिक्शा, कैब और निजी वाहन सीएनजी पर चलते हैं। गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे शहरों में भी लाखों लोग इस ईंधन पर निर्भर हैं। लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर वाहन चालकों की आय और आम लोगों के सफर खर्च पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सीएनजी की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में बस, ऑटो और टैक्सी का किराया भी बढ़ सकता है।
पेट्रोल और डीजल भी हुए महंगे
सीएनजी के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी हाल ही में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सोमवार को सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। नई कीमतों के बाद दिल्ली में पेट्रोल लगभग 102 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है।
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अंतरराष्ट्रीय हालात का दिख रहा असर
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की आपूर्ति में बाधाओं के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार दबाव में है। इसका असर भारत सहित कई देशों में ईंधन की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति नहीं सुधरी, तो ईंधन की कीमतों में और उतार-चढ़ाव संभव है।

