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सर्वे में बड़ा खुलासाः इस वैलेंटाइन डे 3 गुना बढ़ी Condom की डिमांड, 2025 का रिकॉर्ड टूटा… जानें कौनसा शहर निकला सबसे आगे

Condom demand,Valentine's Day

Condom demand,Valentine's Day

Condom demand in Valentine’s Day: पहले वैलेंटाइन डे का मतलब सिर्फ गुलाब, चॉकलेट और टेडी बियर तक सीमित माना जाता था। लेकिन अब समय बदल चुका है। लोग रिश्तों में जिम्मेदारी, सेहत और सुरक्षा को भी उतनी ही अहमियत देने लगे हैं। साल 2026 में यह बदलाव साफ तौर पर नजर आया। क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे Swiggy Instamart की रिपोर्ट के अनुसार 7 से 14 फरवरी के बीच सेक्सुअल वेलनेस प्रोडक्ट्स की मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई।

कंडोम और इंटिमेसी प्रोडक्ट्स की डिमांड तीन गुना बढ़ी

2025 की तुलना में 2026 में वैलेंटाइन डे पर तीन गुना ज्यादा कंडोम और इंटिमेसी प्रोडक्ट्स ऑर्डर किए गए। लोग अब इन चीजों को छिपाने के बजाय खुलकर खरीद रहे हैं। यह दिखाता है कि लोग अपनी सेहत और सुरक्षा को लेकर पहले से ज्यादा सजग हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अब समाज में ऐसे विषयों पर खुलकर बात होने लगी है, जिससे झिझक कम हो रही है।

 

ब्यूटी और पर्सनल केयर पर खुलकर खर्च

इस बार वैलेंटाइन डे सिर्फ पार्टनर के लिए गिफ्ट खरीदने तक सीमित नहीं रहा। लोगों ने खुद को बेहतर दिखाने और अच्छा महसूस करने के लिए भी जमकर खर्च किया।

अलग-अलग शहरों से खास ऑर्डर

-Cuttack यहां एक ग्राहक ने एक ही ऑर्डर में 15,093 रुपये का मेकअप सामान मंगवाया।

-Surat में एक यूजर ने बाथ, बॉडी और हेयर केयर प्रोडक्ट्स पर 10,845 रुपये खर्च किए।

-ये आंकड़े बताते हैं कि अब लोग वैलेंटाइन डे को “सेल्फ-केयर डे” की तरह भी देखने लगे हैं।

-खुद की देखभाल करना और अच्छा महसूस करना अब प्राथमिकता बनता जा रहा है।

 

चॉकलेट और टेडी का जादू अभी भी कायम

भले ही वेलनेस प्रोडक्ट्स की बिक्री बढ़ी हो, लेकिन पारंपरिक गिफ्ट्स का आकर्षण अभी भी बना हुआ है। Kolkata में एक व्यक्ति ने अकेले 25,000 रुपये की चॉकलेट्स ऑर्डर कीं। टेडी डे पर सॉफ्ट टॉय की बिक्री में 568% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे साफ है कि रोमांटिक गिफ्ट्स का ट्रेंड अभी खत्म नहीं हुआ है।

 

वैलेंटाइन कार्ड भेजने में कौन आगे?

वैलेंटाइन कार्ड भेजने के मामले में Bengaluru ने Delhi, Mumbai और Hyderabad जैसे बड़े शहरों को पीछे छोड़ दिया। यह दिखाता है कि डिजिटल दौर में भी लोग भावनाएं जताने के पारंपरिक तरीकों को पसंद कर रहे हैं।

 

क्या कहते हैं ये आंकड़े?

वैलेंटाइन वीक 2026 के ये आंकड़े एक बड़ा संदेश देते हैं। लोग रिश्तों को लेकर ज्यादा जिम्मेदार हो रहे हैं। सेहत और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। सेल्फ-केयर का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। परंपरा और आधुनिकता दोनों साथ-साथ चल रहे हैं। कुल मिलाकर, भारत में वैलेंटाइन डे अब सिर्फ प्यार जताने का दिन नहीं रहा, बल्कि यह जागरूकता, जिम्मेदारी और खुद की देखभाल का भी प्रतीक बनता जा रहा है।

 

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