नई दिल्ली/पटना: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर दिए गए बयान की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि खड़गे के बयान से देश के करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी गलती स्वीकार कर खेद जताने के बजाय अपने अध्यक्ष के बयान का बचाव कर रही है।
यह विवाद बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। यहां बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. कृष्ण सिंह की 139वीं जयंती मनाई जा रही थी। कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भाषण दे रहे थे। इसी दौरान सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने उन्हें टोकते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर खड़गे ने मंच से जवाब देते हुए कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।
राजनाथ सिंह ने जताई नाराजगी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के बारे में खड़गे की टिप्पणी से उन्हें हैरानी और दुख हुआ है। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी किसी सामान्य कार्यकर्ता या युवा नेता ने नहीं, बल्कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की है। राजनाथ सिंह के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति से सार्वजनिक जीवन में गंभीरता, संयम और जिम्मेदारी की उम्मीद की जाती है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच मतभेद होना सामान्य बात है, लेकिन राजनीतिक विरोध के दौरान व्यक्तिगत और पारिवारिक मर्यादाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता खड़गे के बयान पर खेद जताने के बजाय उसे सही ठहराने में लगे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि इस तरह की भाषा से कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर सवाल उठते हैं।
प्रधानमंत्री के परिवार पर टिप्पणी करने का भी लगाया आरोप
राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री के साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि का मजाक उड़ाया था और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। रक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध को व्यक्तिगत अपमान में बदलना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के परिवार को निशाना बनाकर की जाने वाली टिप्पणियां राजनीतिक मतभेदों की सीमा से बाहर हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना, फैसलों की आलोचना करना और विपक्ष की भूमिका निभाना पूरी तरह सामान्य है। हालांकि, उनके अनुसार, ऐसा करते समय भाषा और व्यवहार में मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम करने के इरादे पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता नेताओं के व्यवहार और बयानों पर नजर रखती है और समय आने पर अपना जवाब देती है।
बिहार बीजेपी ने निकाला विरोध मार्च
खड़गे के बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भी विरोध जताया। सोमवार को पटना में बीजेपी की महानगर इकाई ने कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी खड़गे के बयान की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता प्रधानमंत्री के दिवंगत माता-पिता के बारे में बार-बार आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। संजय सरावगी ने कहा कि बीजेपी ने इस मुद्दे पर देशभर में सभी राज्यों के मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की टिप्पणियां कांग्रेस की विचारधारा और राजनीतिक रवैये पर सवाल खड़े करती हैं।
बयान से बढ़ा राजनीतिक विवाद
मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राजनाथ सिंह ने जहां खड़गे से जुड़े बयान को सार्वजनिक जीवन की मर्यादा के खिलाफ बताया, वहीं बिहार बीजेपी ने विरोध मार्च निकालकर अपनी नाराजगी जाहिर की। फिलहाल, इस मामले को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। विवाद का मुख्य मुद्दा प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी और उसके बाद कांग्रेस नेतृत्व के रुख को लेकर बीजेपी की आपत्ति है।

